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महादेव ऐप के एक और नेटवर्क का खुलासा, लेन-देन के लिए दूसरे का बैंक खाता इस्तेमाल करने वाला सहित 6 गिरफ्तार

Mahadev Satta App Scam : ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले महादेव ऐप के एक और नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

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महादेव ऐप के एक और नेटवर्क का खुलासा

महादेव ऐप के एक और नेटवर्क का खुलासा

रायपुर। Mahadev Satta App Scam : ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले महादेव ऐप के एक और नेटवर्क का खुलासा हुआ है। इसमें सट्टे के करोड़ों रुपए इधर-उधर करने के लिए बैंक खाता उपलब्ध कराने वालों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए सभी 6 आरोपी दुर्ग-भिलाई और जीपीएम के रहने वाले हैं। आरोपियों के बैंक खातों के कितने करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ है? इसका पुलिस ने अभी खुलासा नहीं किया है।

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पुलिस के मुताबिक आमापारा में रहने वाले दुर्गेश जायसवाल की भिलाई के देवेश सिंह चौहान से दोस्ती थी। दोनों सीसीटीवी लगाने का सरकारी टेंडर लेते थे। इसके साथ ही देवेश का महादेव बुक ऐप के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वालों से भी संबंध थे। देवेश ने दुर्गेश से यस बैंक में खाता खुलवाया। इसके बाद उस बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल, एटीएम कार्ड, पासबुक देवेश ने रख लिया। इसके बाद इस खाते का इस्तेमाल महादेव ऐप के क्रिकेट सट्टा की राशि खपाने के लिए किया जाने लगा। मामले की जानकारी होने के दो माह बाद दुर्गेश ने आजाद चौक थाने में इसकी शिकायत की। पुलिस ने देवेश सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और साजिश का अपराध दर्ज किया। इसके बाद रविवार को उसे शीतलापारा कोहका भिलाई से गिरफ्तार किया गया।

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बड़ा नेटवर्क था सक्रिय

देवेश को गिरफ्तार करने के बाद पूछताछ में महादेव ऐप का पैसा खपाने वाले दुर्ग के संतराबाड़ी निवासी शैलेंद्र सिंह उर्फ सन्नी, सियोन पाल, रामकृपाल साहू, हरीश वर्मा और जीपीएम के कौशल प्रसाद लहरे को गिरफ्तार किया गया। इन सभी को बैंक खाता देने के एवज में कमीशन दिया जाता था।

कई सालों से चला रहा सट्टा

सूत्रों के मुताबिक दुर्ग के संतराबाड़ी निवासी शैलेंद्र सिंह उर्फ सन्नी लंबे से सट्टे के धंधे में है। महादेव ऐप से जुड़ने के बाद उसने बड़े पैमाने पर यह धंधा शुरू कर दिया था। आईडी आपरेट करने के अलावा बैंक खातों के जरिए लाखों रुपए इधर से उधर करता था। इसकी पहली बार गिरफ्तारी हुई है।

ट्रांजेक्शन का खुलासा नहीं

पुलिस ने मास्टरमाइंड देवेश सिंह के अलावा सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन अब तक इनके बैंक खातों में कितनी राशि का ट्रांजेक्शन हुआ है? इसका खुलासा नहीं किया है। कमीशन लेकर बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले 5 आरोपियों के बैंक खातों से अब तक किस आईडी-पैनल वाले कितनी राशि किसको भेजी है? इसका खुलासा भी नहीं किया गया है।

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दो माह बाद की शिकायत

बैंक खाते के दुरुपयोग की शिकायत करने वाले दुर्गेश की शिकायत को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। दुर्गेश को देवेश द्वारा उसके बैंक खाते के दुरुपयोग की जानकारी 28 अगस्त 2023 को हो गई थी, लेकिन करीब दो माह तक पुलिस में इसकी शिकायत नहीं की। पुलिस की एफआईआर के मुताबिक दुर्गेश ने आजादचौक थाने में 28 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई है।