
रायपुर . छत्तीसगढ़ में आय से अधिक मामले में अफसरों पर शिकंजा कसने का एक सप्ताह में दूसरा मामला सामने आया है। शुक्रवार को गरियाबंद के कृषि उपसंचालक रियाजुद्दीन खान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। आरोपी रियाजुद्दीन खान के कोटा स्थित घर पर 20 जुलाई 2015 को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) की टीम ने संयुक्त रूप से छापा मारा था। जांच के दौरान रियाजुद्दीन के घर से चार करोड़ 13 लाख रुपए की संपत्ति मिली थी, जो उसके आय से 369 फ़ीसदी अधिक थी।
जांच के दौरान आरोपी रियाजुद्दीन खान ने एसीबी और ईओडब्ल्यू को गुमराह करने के लिए एग्रीमेंट सेल का फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत किया था, जिसके कारण उसके खिलाफ धोखाधड़ी जालसाजी और दस्तावेजों में हेराफेरी करने का जुर्म भी दर्ज किया गया था। आरोपी के खिलाफ 8 जनवरी 2018 को चालान पेश किया गया। इस दौरान उसकी अनुपस्थिति को देखते हुए और जांच में सहयोग नहीं करने की वजह से कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। न्यायधीश ने आरोपी को गिरफ्तार कर 8 फरवरी को कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं।
सवा साल से फरार रिटायर्ड रेंजर को जेल
बातदें छत्तीसगढ़ में आय से अधिक संपत्ति मामले में वन विभाग के सेवानिवृत रेंजर रामलाल जगने को कोर्ट ने बुधवार को जेल भेज दिया। उसे एंटीकरप्शन ब्यूरो की टीम ने करीब सवा साल बाद धमतरी स्थित घर में दबिश देकर गिरफ्तार किया था। इसके बाद विशेष न्यायाधीश जितेन्द्र जैन की अदालत में पेश किया गया। लोक अभियोजक योगेद्र ताम्रकार ने बताया कि आरोपी रामलाल धमतरी वनमंडल स्थित ग्राम केरेगांव में वनपरिक्षेत्र अधिकारी के रूप में पदस्थ था। शिकायत पर ईओडब्लू की टीम ने 2009 में उसके ठिकानों पर दबिश दी थी। जांच के दौरान आरोपी के पास 1 करोड़ 4 लाख 97677 रुपए की बेहिसाब चल-अचल संपति मिली थी।
Published on:
12 Jan 2018 06:14 pm
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