
भूपेश बघेल का केंद्र पर तीखा वार (photo source- Patrika)
NEET Controversy: नीट पेपर लीक और 21 जून को होने वाली परीक्षा में वायुसेना के इस्तेमाल की खबरों को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली रवाना होने से पहले भूपेश बघेल ने अपने एक्स पोस्ट में केंद्रीय गृह मंत्रालय और मानव संसाधन मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत सरकार ने खुद मान लिया है कि गृह मंत्रालय पूरी तरह निकम्मा साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार को अब अपनी ही पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा नहीं रह गया है, इसलिए परीक्षा जैसी प्रक्रिया में वायुसेना का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
भूपेश बघेल ने कहा कि सेना का उपयोग देश की सीमाओं और सुरक्षा के लिए होना चाहिए, लेकिन सरकार अपनी प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए सेना का सहारा ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि समस्या मंत्रालयों के भीतर है, लेकिन समाधान कहीं और तलाशा जा रहा है। बघेल ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि नीट पेपर लीक जैसी गंभीर घटना के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें महत्वपूर्ण पदों पर बैठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एनटीए डायरेक्टर की लापरवाही के कारण पेपर लीक हुआ, लेकिन सरकार ने उन्हें हटाने के बजाय प्रमुख सचिव बना दिया।
इधर, भाजपा ने भी सोशल मीडिया के जरिए कांग्रेस और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी. एस. सिंह देव को लेकर बड़ा हमला बोला है। कर्नाटक में डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने के फैसले के बाद छत्तीसगढ़ भाजपा ने एक्स पोस्ट करते हुए कहा कि कांग्रेस हाईकमान ने टीएस बाबा के साथ बड़ा धोखा किया। भाजपा ने पुराने ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री फार्मूले का जिक्र करते हुए दावा किया कि पिछली कांग्रेस सरकार में टीएस बाबा को मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया गया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया गया।
भाजपा के आरोपों पर जवाब देते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा सिर्फ भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें जो जिम्मेदारी दी, उन्होंने उसे पूरी निष्ठा के साथ निभाया। बघेल ने साफ कहा कि उन्हें कभी ढाई साल के किसी फार्मूले या निर्देश की जानकारी नहीं दी गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि वे पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि हाईकमान जिस दिन कह देता, वे उसी दिन मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देते।
नीट पेपर लीक मामले और कांग्रेस-भाजपा के बीच जारी बयानबाजी को लेकर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। एक तरफ जहां कांग्रेस केंद्र सरकार पर परीक्षा प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा पुराने राजनीतिक मुद्दों को सामने लाकर कांग्रेस को घेरने में जुटी हुई है।
Updated on:
29 May 2026 02:30 pm
Published on:
29 May 2026 02:30 pm
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