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सनकी आशिक की शर्मनाक करतूत, अपनी ही गर्ल फ्रेंड को बेहोश कर बनाया अश्लील वीडियो फिर…

नाबालिग स्कूली छात्रा का अश्लील एमएमएस बनाकर उसके पिता से 10 लाख की फिरौती मांगकर की ब्लैकमेकिंग

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रायपुर . राजधानी से लगभग 40 किमी दूर राजिम में सनकी आशिक की शर्मनाक करतूत सामने आई है। गर्लफ्रेंड की अश्लील वीडियो बनाकर उसके पिता को व्हाट्सअप में भेज दिया। नाबालिग स्कूली छात्रा का अश्लील एमएमएस से उसके पिता से 10 लाख की फिरौती मांगने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पकड़े गए आरोपियों में दो नाबालिग शामिल हैं। सभी को न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया।

ब्लेकमेकर की धमकी से डरे पिता ने अपनी बेटी की इज्जत की खातिर अधिकतम दो लाख रुपए दे पाने की बात कही।

उसके बाद 18 अप्रैल को फोन कर अगले दिन पैसा लेकर आने वाली जगह के बारे में बताया। 19 अप्रैल को अज्ञात व्यक्ति द्वारा पीडि़त पिता को लगभग आधा दर्जन फ़ोन कर अलग-अलग जगह पैसे लेकर बुलाता रहा। ताकि वह पकड़ा न जा सके। चूंकि पीडि़त पिता ने पुलिस को इस बात की जानकारी दे दी थी। लिहाजा पुलिसकर्मी सादी वर्दी में उसके आसपास ही मंडराते रहे। इस बात की भनक ब्लेकमेलर को लग चुकी थी। इसके बाद उसने पीडि़त पिता को इसका अंजाम भुगतने की धमकी देत हुए फोन बंद कर दिया।

पुलिस निकली काबिल : ब्लेकमेलर द्वारा वस्तुस्थिति जानने के बाद पुलिस खुलकर सामने आते हुए कड़ी दर कड़ी मिलाते हुए आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया। पीडि़त छात्रा से पूछताछ में मालूम हुआ कि उसका नाबालिग प्रेमी है, जिसने कुछ दिनों पूर्व उसे शहर से बाहर एक लॉज में लेजाकर कोल्डड्रिंक्स में नशीला पदार्थ मिलाकर बेसुध कर दिया था। उसके बाद क्या हुआ वह नहीं जानती।

इस महत्वपूर्ण सुराग मिलने के बाद पुलिस ने संबंधित प्रेमी को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ शुरू कर दी। प्रेमी भी काफी चालक निकला। उसने पुलिस के समक्ष एमएमएस बनाना स्वीकार करते हुए पैतरा बदला, उसने बताया कि संभवत: उसके मोबाइल से किसी ने क्लिप चोरी कर ब्लेकमेलिंग का कार्य कर रहा है। लेकिन जब पुलिस ब्लेकमेलर तक पहुंची तो प्रेमी की सारी होशियारी धरी रह गई।

फरवरी में पारागांव में जुआ का बड़ा फड़ पकड़ाया था, जिसमें भागने के चक्कर में तिल्दा के एक जुआरी का सिम हाथ लगा था। मोबाइल वहीं छूट गया था। एक अन्य नाबालिग आरोपी अगले दिन जुआरियों द्वारा भागते वक्त फेक गए नोट के अंदेश में जब वहां गया तो उसे जुआरियों का सिम मिल गया। जिसे उसने रख लिया और उसी सिम को आरोपियों ने ब्लेकमेलिंग में प्रयोग किया।

पकड़े गए सभी आरोपियों के विरुद्ध पुलिस ने धारा 384 भादवि, आईटी एक्ट की धारा 67क व ख, पॉस्को एक्ट की धारा 14, 15 व आरोपियों की संख्या एक से अधिक होने के कारण धारा 34 भी जोड़ी गई है। चूँकि प्रेमी सहित एक अन्य आरोपी नाबालिग है, इसलिए दोनों को बाल संप्रेक्षण गृह माना जबकि दोनों बालिग आरोपियों को केन्द्रीय जेल रायपुर भेजा जाएगा।

नगर के अब तक के इतिहास में पहली बार हुए इस शर्मनाक एमएमएस कांड को सुलजाने में टीआई एमएस ठाकुर के अलावा एएसआई रमेश शर्मा की सक्रियता काबिले तारीफ रही। 36 घंटे में इन दोनों ने अपने मातहतों के साथ खाना-पीना भूलकर आरोपियों तक पहुंचने में लगे रहे। जिसका सकारात्मक परिणाम भी निकला। दोनों अधिकारियों ने बताया कि किसी बेटी की इज्जत को उछालकर उसके बेबस पिता को इस तरह ब्लेकमेल करने की घटना ने उन्हें झकझोर दिया था। अब जब आरोपी पुलिस के कब्जे में हैं, तो उन्हें काफी राहत मिली।