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पुलिस परेड ग्राउंड में फिटनेस टेस्ट में पहुंची बसों के साथ चालकों का भी हुआ टेस्ट

स्कूल द्वारा अनफिट वाहनों का संचालन किया जा रहा है जिसके कारण कई मासूमों की जान खतरे में होती है

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पुलिस परेड ग्राउंड में फिटनेस टेस्ट में पहुंची बसों के साथ चालकों का भी हुआ टेस्ट

रायपुर. कुछ दिनों पहले हाइकोर्ट ने एक गाइडलाइन जारी की थी जिसके तहत सभी स्कूल व कॉलेजों के वाहनों की जांच की जाएगी और जांच में अगर बस में कमियां पाई गई तो बस का परमिट रद्द कर दिया जाएगा। इसके तर्ज पर राजधानी में पुलिस परेड ग्राउंड पर गाडि़यों की जांच शिविर का आयोजन किया गया है।

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पुलिस परेड ग्राउंड में इससे पहले भी दो बार जांच शिविर का आयोजन किया जा चुका है जिसमें काफी बसें उपस्थित नही हुई थी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सभी गाडि़यों का जांच अनिवार्य हो गया है जिसके बाद बाकी बसें भी जांच के लिए उपस्थित हुई है।

यहां पर गाडि़यों की मैकनिकल जांच, दस्तावेजों की जांच व चालक की फिटनेस की जांच की जाएगी। हाईकोर्ट के आदेश पर बसों के अलावा चालकों के नेत्र परीक्षण, आरटीओ, एमटीओ आदि की जांच की गई।

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यहां निरीक्षक सुरेन्द्र श्रीवास्तव की उपस्थिति में शकुंतला विद्यालय, माइल स्टोन स्कूल, कृष्णा पब्लिक स्कूल, अपोलो कॉलेज आदि से करीब ७० बसें उपस्थित हुई। इनकी जांच का एक कारण अवैध रूप से चल रहे बसों की सेवाओं को रोकना भी था।

स्कूल द्वारा अनफिट वाहनों का संचालन किया जा रहा है जिसके कारण कई मासूमों की जान खतरे में होती है। इसलिए शहर में वाहनों का फिटनेस अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में बसों की व बस चालकों दोनों की फिटनेस की जांच की गई है। जिन बसों में कोई गड़बड़ी पाई परिवहन विभाग ने उन बसों को एनओसी देने से मना कर दिया है।

अनफिट वाहन

स्कूल संचालकों द्वारा अनफिट बसों का संचालन किया जा रहा है। फिटनेस जांच के दौरान ही इसकी वास्तविकता सामने आती है। गौरतलब है कि 2017 में पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रुप से शिविर का आयोजन किया गया था। इस दौरान करीब 250 छोटी-बड़ी वाहनों की जांच की गई थी। इसमें से 55 बस में गड़बड़ी मिली थी।