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Mahadev Satta App Case: महादेव ऐप की कमाई का ‘कॉर्पोरेट रास्ता’! ED जांच रायपुर से पहुंची दिल्ली के बिजनेस नेटवर्क तक

ED Investigation Chhattisgarh: महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में ED ने दिल्ली के कारोबारी विकास गर्ग को गिरफ्तार किया है। 940 करोड़ की संपत्ति कुर्क करने के बाद जांच एजेंसी अब सट्टे की कमाई के कॉर्पोरेट कनेक्शन और मनी लेयरिंग की जांच कर रही है।
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Mahadev Satta App Case

महादेव ऐप केस में बड़ा खुलासा (photo source- Patrika)

Mahadev Satta App Case: महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने दिल्ली के प्रमुख कारोबारी विकास गर्ग को उनके निवास से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से ED को 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिल गई है। अब आरोपी को रायपुर लाया जा रहा है। बुधवार को विकास गर्ग को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। ED अदालत से आगे की पूछताछ के लिए उनकी कस्टोडियल रिमांड की मांग कर सकती है।

940 Crore Property Attachment: 940 करोड़ की संपत्ति कुर्क, अब गिरफ्तारी की कार्रवाई

महादेव सट्टा ऐप मामले में ED पहले ही विकास गर्ग, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों पर बड़ी कार्रवाई कर चुकी है। जांच एजेंसी ने हाल ही में करीब 940.77 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियां कुर्क की थीं। ED का आरोप है कि महादेव ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट से जुड़े अवैध पैसों को अलग-अलग माध्यमों से निवेश किया गया और इन पैसों को वैध दिखाने की कोशिश की गई।

सट्टे की रकम से कंपनियों में निवेश का आरोप

जांच के दौरान ED को पता चला कि विकास गर्ग दिल्ली स्थित एबिक्सकैश कंपनी के संचालक हैं। इसके अलावा वे कई कंपनियों से जुड़े रहे हैं, जिनमें: विकास इकोटेक लिमिटेड, विकास लाइफकेयर लिमिटेड, एराया लाइफस्पेसेस लिमिटेड शामिल हैं। ED का दावा है कि महादेव ऐप के जरिए जुटाई गई करोड़ों रुपए की अवैध रकम (लेवी) को इन कंपनियों के माध्यम से शेयर बाजार, प्रतिभूतियों और अन्य संपत्तियों में लगाया गया।

जांच का नया एंगल: सट्टे के पैसे से कॉर्पोरेट नेटवर्क तक

महादेव ऐप मामले में अब जांच सिर्फ सट्टेबाजी तक सीमित नहीं रह गई है। ED यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध कमाई किन-किन रास्तों से होकर कंपनियों और निवेश तक पहुंची। जांच एजेंसी के अनुसार, विकास गर्ग ने कथित तौर पर मनी लेयरिंग के जरिए पैसों को अलग-अलग चैनलों से घुमाया और फिर कंपनियों में निवेश किया। ED का फोकस अब इस बात पर है कि इस पूरे वित्तीय नेटवर्क में और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।

Vikas Garg EbixCash: एबिक्सकैश में 64% हिस्सेदारी खरीदने का आरोप

ED की जांच में यह भी सामने आया है कि विकास गर्ग ने कथित तौर पर एराया लाइफस्पेसेस लिमिटेड के जरिए एबिक्सकैश कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी हासिल की। आरोप है कि इस डील में इस्तेमाल किया गया पैसा महादेव ऐप सिंडिकेट से जुड़ी अवैध कमाई से आया था। फिलहाल ED इस पूरे लेन-देन, कंपनियों के बीच हुए वित्तीय ट्रांजेक्शन और संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है।

महादेव केस में बढ़ता जा रहा कारोबारियों का दायरा

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामला छत्तीसगढ़ में लंबे समय से जांच के घेरे में है। इस मामले में अब तक कई लोगों पर कार्रवाई हो चुकी है। ताजा कार्रवाई से संकेत मिल रहे हैं कि जांच एजेंसी अब सट्टा नेटवर्क से जुड़े फाइनेंशियल और कॉर्पोरेट लिंक को भी खंगाल रही है। विकास गर्ग की गिरफ्तारी के बाद अब आने वाले दिनों में पूछताछ के दौरान कई नए खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।