11 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Chhattisgarh Budget 2026: सदन में उठा अवैध मोबाइल टावरों का मुद्दा, CM साय बोले-लिखित शिकायत दें, होगी जांच…

Chhattisgarh Budget 2026-27: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान बिलासपुर जिले में कथित अवैध मोबाइल टावरों का मुद्दा गूंजा।

less than 1 minute read
Google source verification
CG Budget 2026: सदन में उठा अवैध मोबाइल टावरों का मुद्दा, CM साय बोले-लिखित शिकायत दें, होगी जांच...(photo-patrika)

CG Budget 2026: सदन में उठा अवैध मोबाइल टावरों का मुद्दा, CM साय बोले-लिखित शिकायत दें, होगी जांच...(photo-patrika)

CG Budget 2026: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान बिलासपुर जिले में कथित अवैध मोबाइल टावरों का मुद्दा गूंजा। भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने इस विषय को सदन में उठाते हुए सरकार से कार्रवाई की मांग की।

विधायक ने कहा कि बिलासपुर जिले में कई स्थानों पर नियमों के विपरीत मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं। इस पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मामले की लिखित जानकारी उपलब्ध कराई जाए, परीक्षण कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

Chhattisgarh Budget 2026: आवेदन प्रक्रिया पर मांगी जानकारी

विधायक सुशांत शुक्ला ने सवाल किया कि मोबाइल टावर लगाने के लिए आवेदन किस विभाग द्वारा स्वीकार किए जाते हैं और अब तक किन-किन सेवा प्रदाता कंपनियों से कितने आवेदन प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि मोबाइल टावर स्थापना के लिए भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित ‘राइट ऑफ वे’ (Right of Way) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाते हैं।

426 आवेदन, 18 को मिली अनुमति

वर्ष 2024 से जनवरी 2026 तक प्राप्त आवेदनों के संबंध में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अवधि में कुल 426 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 18 आवेदनों को अनुमति जारी की गई है, जबकि 246 आवेदन निजी भूमि से संबंधित पाए जाने पर संबंधित सेवा प्रदाता कंपनियों को सूचना दी गई है।

अवैध टावरों पर कार्रवाई का सवाल

अंत में विधायक ने पूछा कि अवैध रूप से लगाए गए टावरों पर कब और क्या कार्रवाई की जाएगी। इस पर मुख्यमंत्री ने दोहराया कि यदि मामले की लिखित शिकायत दी जाती है तो जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सदन में इस मुद्दे पर हुई चर्चा के बाद मोबाइल टावरों की वैधता और नियामकीय प्रक्रिया को लेकर सवाल और तेज हो गए हैं।