30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ये दोस्ती हम नहीं तोड़ेंगे… दोस्त के लिए सुपरवाइजर ने करवा दी 20 लाख की लूट, मास्टरमाइंड ने ऐसा दिया था चकमा

Crime News: छत्तीसगढ़ की राजधानी के मुजगहन थाना क्षेत्र में हुए 20 लाख की लूट की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। मामले में पुलिस ने शिकायतकर्ता सुपरवाइजर और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया है।

2 min read
Google source verification
CG Crime News

CG Crime News: रायपुर सेजबहार इलाके में 20 लाख रुपए की लूट की घटना फर्जी निकली। सुपरवाइजर ने ही अपने दोस्त को कर्ज से उबारने के लिए लूट की झूठी कहानी गढ़ी और रुपए अपने पास रख लिए थे। पुलिस ने सुपरवाइजर और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने 18 लाख रुपए से अधिक की राशि बरामद कर ली है।

मामले का खुलासा करते हुए एएसपी कीर्तन राठौर और क्राइम ब्रांच डीएसपी संजय सिंह ने बताया कि सांई फ्यूल्स और इस्कान इंडिया प्रायवेट लिमिटेड कंपनी के सुपरवाइजर मनोज कुमार ध्रुव ने गुरुवार को 20 लाख रुपए बाइक सवारों द्वारा लूट लेने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसकी जांच के दौरान मनोज का विस्तृत बयान लिया गया और घटना का रीक्रिएशन कराया गया। बयान और घटना का रीक्रिएशन के दौरान विरोधाभासी बातें सामने आई। इसके अलावा आसपास के सीसीटीवी कैमरों में भी लूटपाट करने वाले बाइक सवार दो युवक नजर नहीं आए। इससे मनोज पर ही शक हुआ। उससे और गहराई से पूछताछ करने पर लूट की वारदात झूठी निकली।

मनोज ने अपने साथी योगेंद्र कुमार भारती के साथ मिलकर 20 लाख रुपए को अपने पास रख लेने और लूट की झूठी कहानी बनाकर शिकायत करने का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस की टीम ने मनोज के घर से 18 लाख 54 हजार रुपए बरामद कर लिया। उसके साथी योगेंद्र कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया है।

यह भी पढ़े: रायपुर में रियल-एस्टेट कंपनी सुपरवाइजर से 20 लाख की लूट, बदमाशों ने इस तरह वारदात को दिया अंजाम, मचा हड़कंप

कर्ज में डूबा था दोस्त

पूछताछ में मनोज ने बताया कि योगेंद्र का टेंट और मोबाइल शॉप की दुकान है। वह कर्ज में डूबा हुआ है। कुछ दिनों से वह मनोज से पैसों की मांग कर रहा था। मनोज के पास अक्सर कंपनी के पैसे होते थे। इस कारण दोनों मिलकर लूट की कहानी रची। घटना से एक दिन पहले घटना स्थल और रास्ते को देख लिया था। इसके बाद घटना वाले नोटों से भरा बैग उसने योगेंद्र को दे दिया। फिर मुजगहन थाने में लूट होने की झूठी शिकायत करने पहुंचे।

पहले दिन पुलिस को लगा बाहरी गिरोह

घटना वाले दिन पुलिस को लगा कि सही में लूट हो गई। क्राइम ब्रांच की टीम भी बाहरी गिरोह होने की आशंका में आसपास के इलाके में तलाश में जुटी रही। अलग-अलग टीमें बनाकर उसकी तलाश में लगी थी। इस दौरान मनोज के बताए अनुसार बाइक सवार दो बदमाश सीसीटीवी फुटेज में नजर नहीं आए, तो पुलिस को शक हुआ। इसके बाद घटना रीक्रिएट कराने से शक और गहरा हो गया। फिलहाल पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है।

Story Loader