
धान खरीदी में ऐतिहासिक रिकॉर्ड (photo source- Patrika)
CG Dhan Kharidi: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी 31 दिसंबर तक महज 12 लाख क्विंटल रही। जिले का लक्ष्य 30 लाख क्विंटल था, जिसे पूरा करना मुश्किल लगने लगा है। नए नियमों के तहत टोकन कटाने और एग्रोटेक पोर्टल में पंजीयन कराने की जटिलताओं ने किसानों का आधा समय खा लिया। 52 हजार में से केवल 20 प्रतिशत किसान ही धान बेच पाए, शेष किसानों के लिए टोकन नहीं कटने की समस्या बनी हुई है।
रायगढ़ जिले में शनिवार-रविवार धान खरीदी न होने और केंद्रों की लापरवाही के कारण प्रशासन ने कार्रवाई की। जांच में कई केंद्रों पर गुणवत्ता जांच किए बिना धान तौला गया। जमरगीडी, आदिम जाति सेवा और कोड़ासिया केंद्रों के कई प्रबंधक निलंबित किए गए और वित्तीय प्रभार छीन लिया गया।
खरीदी केंद्र में गाली-गलौज
खड़गांव केंद्र में गाली-गलौज और धमकी की शिकायत भी सही पाई गई। किसानों का आरोप है कि केंद्रों में नियमों का पालन नहीं हो रहा और खरीदी में मनमानी की जा रही है। सीमित पंजीयन, टोकन कटने में उलझन और गुणवत्ता जांच न होना किसानों के लिए आर्थिक और मानसिक बोझ बन गया है।
Updated on:
03 Jan 2026 02:29 pm
Published on:
03 Jan 2026 02:29 pm
