शिक्षा विभाग (CG Education) उच्चाधिकारियों को के यह शिकायत मिली है कि आरटीई के तहत निजी स्कूलों प्रवेश पाने वाले कई गरीब और असहाय बच्चे महंगी किताबें, ड्रेस और अन्य शुल्क लेने की वजह से बीच में ही स्कूल छोड़ दे रहे हैं। लेकिन स्कूल संचालक ड्रॉप आउट करने वाले बच्चों के नाम पोर्टल से नहीं हटाते और सरकार से पूरी फीस ले रहे है। निजी स्कूलों का यह खेल कई वर्षों से चल रहा है।