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CG Fraud News: पूर्व CM के करीबी रहे केके श्रीवास्तव का मामला, बाप-बेटे फरार, ईडी भी कर रही जांच

CG Fraud News: पूर्व सीएम के करीबी रहे केके श्रीवास्तव का मामले में अब तक बाप-बेटे की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसकी वजह पुलिस की प्लानिंग लीक होना बता रही है।

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Chhattisgarh News

CG Fraud News: करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी के आरोपी केके श्रीवास्तव और उनके बेटे कंचन की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इसकी बड़ी वजह पुलिस की प्लानिंग का लीक होना माना जा रहा है। इस मामले में हाईकोर्ट ने भी उनकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक केके और कंचन शहर से फरार हैं। उनके साथ युवा कांग्रेस के एक पूर्व पदाधिकारी भी गायब है।

CG Fraud News: केके को पूर्व सीएम का करीबी!

पूर्व पदाधिकारी का कई पुलिसकर्मियों से अच्छे संबंध रहे हैं। यही वजह है कि केके की गिरफ्तारी के लिए जो भी टीम उसके पीछे लगती है, उसकी जानकारी उन तक पहुंच जाती है। (Chhattisgarh News) इसके बाद वे अपना ठिकाना और मोबाइल नंबर बदल देते हैं। बताया जाता है कि पुलिस ने दोनों को पकड़ने की काफी कोशिश की।

कई तरीके अपनाएं, फिर भी दोनों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। उसका लोकेशन अब तक पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार, दिल्ली और राजस्थान में मिलता रहा है, लेकिन पकड़ा नहीं गया है। उल्लेखनीय है कि केके और उनके बेटे कंचन के खिलाफ तेलीबांधा थाने में 15 करोड़ की ठगी का करीब तीन माह पहले अपराध दर्ज हुआ है। केके को पूर्व सीएम का करीबी माना जाता है।

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हाईकोर्ट ने की जमानत अर्जी खारिज

गिरफ्तारी से बचने के लिए केके के बेटे कंचन ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई थी। इसे आपत्ति के बाद 29 नवंबर को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। इसके बाद दोनों की मुश्किलें और बढ़ गई है। पुलिस ने उन्हें पहले ही भगोड़ा घोषित कर दिया है। अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब उन पर गिरफ्तारी का दबाव और बढ़ गया है।

पुलिस और ईडी मामले की जांच में जुटी

CG Fraud News: पुलिस ने डिजिटल ऑडिट में करीब 400 करोड़ रुपए के ट्रांजेक्शन का पता लगाया है, जिसे दूसरों के बैंक खातों के जरिए इधर-उधर किया गया है। इस मामले की जांच ईडी कर रही है। (Chhattisgarh News) पूरे मामले में केके के सहयोगी भी निशाने पर हैं। उनके कॉल डिटेल खंगाले जा रहे हैं।

रायपुर के पूर्व पदाधिकारी के भी कॉल डिटेल खंगाले जा रहे हैं। इसमें महादेव सट्टा ऐप से जुड़े मौदहापारा के भी कुछ संदिग्ध युवकों के लिंक सामने आए हैं। फिलहाल पुलिस और ईडी मामले की जांच में लगी है।