
CG News: छत्तीसगढ़ के रायपुर में आदर्श आचार संहिता लगने के ही दिन खाद्य विभाग ने शहर में 36 नई राशन दुकानें आवंटित करने के लिए विज्ञापन जारी किया था, लेकिन प्रक्रिया पूरी करते-करते दुकानों की संख्या अचानक 59 कर दी गई। अब आवंटन प्रक्रिया को भी लटकाया जा रहा है।
इससे आवंटन में देरी हो रही है। इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। दूसरी ओर, शहर में राशन दुकानें जरूरत से ज्यादा बढ़ने से कई तरह की समस्याएं भी होने की आशंका है। इसको लेकर छत्तीसगढ़ पीडीएस संघ ने भी खाद्य अधिकारियों को शिकायत की है।
सबसे बड़ा सवाल है कि वर्तमान शासकीय राशन दुकानों में समय पर राशन का वितरण नहीं हो पाता है। राशन लेने के लिए हितग्राहियों को कई दिन चक्कर काटने पड़ते हैं। अब 59 नई राशन दुकानें खुल जाएंगी, तो उसमें राशन की आपूर्ति करने में दिक्कत होगी। हालांकि नई राशन दुकानें खुलने से आम हितग्राहियों का फायदा होगा। उन्हें राशन लेने में आसानी होगी।
राशन दुकानों के लिए आचार संहिता लगने के दिन ही 15 अक्टूबर 2024 को विज्ञापन जारी किया गया था। उस समय केवल 36 राशन दुकानों के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी, जो अचानक 59 हो गई हैं। 16 माह पहले भी शहर में 110 शासकीय राशन दुकानें शुरू की गई थीं। इन राशन दुकानों को संचालित करने की पहली प्रक्रिया अनुबंध पत्र है, जो आज तक निष्पादित नहीं हुआ है। इस कारण ये राशन दुकानें अवैध रूप से चल रही हैं। इनमें कई तरह अनियमितताएं पाई गई हैं। अधिकारियों ने इस पर कोई एक्शन नहीं ली।
वर्तमान में वार्ड परिसीमन के आधार पर राशन दुकानों में राशन कार्ड संलग्न हैं। नई राशन दुकानों से किसी वार्ड में 2 तो किसी वार्ड में 5-6 दुकानें हो जाएंगी। इससे दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ेगा। इसी तरह 36 से अचानक 59 राशन दुकान करने से कई वार्ड प्रभावित हुए हैं। किसी वार्ड में 2-3 दुकानें हो गई हैं, तो किसी वार्ड में 1 ही दुकान हैं। राशन दुकानों का समान आवंटन नहीं हो रहा है।
रायपुर खाद्य विभाग नियंत्रक भूपेंद्र मिश्रा ने कहा की राशन दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया की जा रही है। हमारी कोशिश है कि हितग्राहियों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा मिले। फिलहाल अभी प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। कुछ विसंगति-समस्याओं को लेकर शिकायतें मिली हैं। इस संबंध में उच्चअधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है।
वर्तमान में कुल 235 राशन दुकानें संचालित हैं, जिनमें नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा समय पर खाद्यन्न की आपूर्ति नहीं की जाती है। हितग्राही इसकी कई बार शिकायत कर चुके हैं। अब 59 और दुकानें शुरू होने पर राशन आपूर्ति में दिक्कत होगी। इससे हितग्राहियों की परेशानी बढ़ेगी।
रायपुर के छत्तीसगढ़ पीडीएस संघनई अध्यक्ष नरेश बाफना ने कहा की दुकानें खुलती हैं, तो हितग्राहियों को तो सुविधा होगी, लेकिन ज्यादा दुकानें होने से दुकानदारों का कमीशन कम होगा। इससे राशन दुकानों का खर्च निकालना मुश्किल होगा। इससे अनियमितताएं बढ़ने की आशंका है। पहले से ही 250 से ज्यादा राशन दुकानें हैं। इनकी संख्या बढ़ने से अव्यवस्था हो सकती है। इस कारण नई दुकानें नहीं होना चाहिए।
Updated on:
24 Feb 2025 09:59 am
Published on:
24 Feb 2025 09:56 am
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