
CG News: सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकैमिकल्स इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी (सिपेट) रायपुर में नए सत्र से एआई और मशीन लर्निंग की पढ़ाई होगी। संस्थान में संचालित बीटेक इन प्लास्टिक इंजीनियरिंग में इसकी शुरुआत की जाएगी। संस्थान के डायरेक्टर व हेड डॉ. आलोक कुमार साहू ने बताया कि नए बैच से छात्र-छात्राओं को एआई और मशीन लर्निंग के बारे में जानकारी दी जाएगी ताकि छात्र नए व लेटेस्ट टेक्नोलॉजी से अपग्रेड रहे।
प्लास्टिक इंडस्ट्री में किस तरह से इसका उपयोग किया जा सकता है? जैसी जानकारी इसमें दी जाएगी। बीटेक इन प्लास्टिक इंजीनियरिंग चार साल का कोर्स है जिसमें 60 सीटें हैं। पढ़ाई के दौरान के कोर्स के साथ ही एआई और मशीन लर्निंग की ट्रेनिंग स्टूडेंट्स को दी जाएगी।
प्लास्टिक इंजीनियरिंग में प्लास्टिक से बने उत्पादों को डिज़ाइन, विकसित और निर्मित करने के बारे में है। इसमें प्लास्टिक मोल्डिंग, डिज़ाइन, मॉडलिंग और थर्मोफॉर्मिंग जैसी विभिन्न प्लास्टिक निर्माण प्रक्रियाओं को विकसित और अनुकूलित किया जाता है।
प्लास्टिक इंजीनियरिंग कोर्स में एआई और मशीन लर्निंग को शामिल करने से स्टूडेंट्स को इसका फायदा मिलेगा। इसकी जानकारी होने से स्टूडेंट्स को प्लास्टिक डिजाइन और विकसित करने में और बेहतर परफॉर्म कर सकेंगे। इससे नए डिजाइन, नए तरीके की जानकारी भी छात्रों को होगी।
CG News: सिपेट में अभी प्रवेश प्रक्रिया जारी है। सिपेट में एडमिशन के लिए सिपेट एडमिशन टेस्ट- कैट 2025 के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। तीन वर्षीय डिप्लोमा इन प्लस्टिक्स टेक्नोलॉजी (डीपीटी), तीन वर्षीय डिप्लोमा इन प्लास्टिक्स मोल्ड टेक्नोलॉजी (डीपीएमटी), दो वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन प्लास्टिक्स प्रोसेसिंग एंड टेस्टिंग (पीजीडी-पीपीटी) में प्रवेश के लिए 29 मई तक आवेदन कर सकते हैं। डीपीटी और डीपीएमटी में 10वीं पास और पीजीडी-पीपीटी में बीएससी पास स्टूडेंट्स आवेदन कर सकते हैं। इसमें आयु की कोई सीमा तय नहीं की गई है।
Updated on:
26 Apr 2025 10:36 am
Published on:
26 Apr 2025 10:36 am
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