
CG News: इस साल दुर्ग इग्नू में खास तरह का डिप्लोमा पाठ़्यक्रम शुरू हुआ है, जिसमें छात्रों को पहली बार एग्रीकल्चर में कॉस्ट मैनेजमेंट की पढ़ाई कराई जाएगी। कोर्स का नाम है, कॉस्ट मैनेजमेंट इन एग्रीकल्चर। खास बात यह है कि इस एक साल के डिप्लोमा प्रोग्राम को दी इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट ऑफ इंडिया के साथ मिलकर तैयार किया गया है। जिन छात्रों ने हाल ही में 12वीं उत्तीर्ण की है, वे इसमें प्रवेश ले सकते हैं। यह कोर्स इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर से चलेगा।
दुर्ग इग्नू सेंटर में इसके लिए अभी से काफी आवेदन मिल रहे हैं। इस कोर्स में विद्यार्थियों को फार्म अकाउंटिंग और कॉस्टिंग, एग्री सप्लाई चेन मैनेजमेंट, भूमि का विवेकपूर्ण उपयोग, जल प्रबंधन सहित किसानी से संबधित गतिविधियों को शामिल किया जाएगा। इस कोर्स का मकसद विद्यार्थियों को फार्म कॉस्ट को प्रभावी तरीके से मैनेज करने, एग्रीकल्चर प्रोडक्टिविटी को बढ़ाने, पशुधन पालन, वित्तीय नियोजन, संसाधन आवंटन, विपणन जैसे पहलू समझाना है। इस कोर्स की फीस महज 6,200 रुपए होगी।
इग्नू ने अपने तमाम पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन तिथि बढ़ा दी है। पहले तक विद्यार्थियों को 31 जनवरी तक आवेदन करने समय दिया गया था। इसके बाद इग्नू ने आवेदन की तिथि में बढ़ोतरी करते हुए छात्रों को 15 फरवरी तक प्रवेश आवेदन करने का मौका दे दिया है।
दुर्ग इग्नू सेंटर में मानव अधिकार, पर्यावरण और आहार एवं पोषण (न्यूट्रिशियन) विषय में भी पढ़ाई की जा सकती है। इसके अलावा ऐसे छात्र जो काम के साथ स्नातक या स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल करना चाहते हैं वे भी बीए और एमए जैसे कोर्स कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आपदा प्रबंधन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और पोस्ट ग्रेजुएट सर्टिफिकेट इन जियो इंर्फोमेटिक जैसे रोजगारउन्मुखी कोर्स के भी विकल्प हैं। ग्रामीण विकास से संबंधित पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रूरल डेवलपमेंट, मास्टर ऑफ सोशल वर्कस पीजीडीआरडी और एमबीए भी किया जा सकता है। साइंस कालेज दुर्ग अध्ययन केन्द्र में प्रत्येक गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार को शाम 5 से 7 बजे और रविवार को सुबह 10 से 12 बजे तक कोर्स के डाउट सेशन भी मिलेंगे। यह सेशन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में कर पाएंगे।
प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों को किसी भी कोर्स के लिए शुल्क देने की जरूरत नहीं होगी। सभी कोर्स निशुल्क होंगे। ऑनलाइन प्रवेश लेते समय विद्यार्थी को निर्धारित शुल्क अदा करना होगा और दस्तावेजों के साथ जाति प्रमाण पत्र भी अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करना होगा। इग्नू क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर दस्तावेजों के परीक्षण के बाद अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों को उनके द्वारा जमा किया गया पूर्ण शुल्क वापस लौटा देगा।
दुर्ग इग्नू समन्वयक डॉ. अनिल कश्यप ने कहा साइंस कॉलेज स्थित इग्नू दुर्ग सेंटर में प्रवेश शुरू हैं। विद्यार्थियों के लिए स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के विभिन्न कोर्स उपलब्ध कराए गए हैं।
Updated on:
07 Feb 2025 02:13 pm
Published on:
07 Feb 2025 02:13 pm
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