
बीजों के 448 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा (Photo source- Patrika)
CG News: दुर्ग जिले में प्रमाणित बीज के नाम पर 13 सहकारी समितियों को उपलब्ध कराए गए धान की गुणवत्ता जांच में अमानक पाए गए हैं। कृषि विभाग ने इन समितियों से बीज के सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया था। इनमें से 13 नूमने जांच में अमानक मिले।
कृषि विभाग ने बीजों के 448 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। जिसमें से 210 की रिपोर्ट आई है। बाकी 238 सैंपल की रिपोर्ट आनी बाकी है। जिसमें निजी क्षेत्र के 141 और सहकारी क्षेत्र के 61 नमून शामिल हैं। कृषि विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में सहकारी क्षेत्र से धान के बीज के 271 और निजी संस्थानों से 177 नमूने लिए गए थे। इन नमूनों को जांच के लिए उच्च स्तरीय प्रयोगशाला में भेजे गए है।
इनमें से सहकारी क्षेत्र से लिए गए बीज के 210 नमूनों की जांच रिपोर्ट आ चुकी है। इनमें धान बीज के 13 नमूने अमानक पाए गए हैं। इसी तरह निजी संस्थानों से लिए गए 36 नमूनों की रिपोर्ट आ चुकी है। निजी संस्थानों से लिए गए इन सभी नमूनों की जांच में बीज मानक के अनुरूप पाए गए हैं।
विभाग द्वारा नमूने लिए जाने और रिपोर्ट आने के बीच अमानक पाए गए अधिकतर धान खेतों में खप जाने की आशंका है। जिस समय नमूने लिए गए उस समय धान के लाट में सभी समितियों को मिलाकर करीब 444 क्विंटल बीज था। कृषि विभाग द्वारा कुछ रिपोर्ट समय पर मिल जाने के कारण लाट वापस मंगा लेेने की भी बात कही जा रही है।
संदीप भोई उप संचालक कृषि दुर्ग: अमानक पाए गए बीज की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। संबंधित विक्रेता और बीज निर्माता कंपनी को नोटिस जारी किया गया है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
CG News: बीज अमानक पाए जाने के मामले में किसानों को क्षतिपूर्ति देने का प्रावधान है, लेकिन यह मिलता नहीं। क्योंकि बीज निर्माता कंपनी कार्रवाई के खिलाफ अपील कर सकता है। अपील करने पर सुनवाई में लंबा समय लग जाता है। जब तक सब भूल जाते हैं। कई बार अपील में फैसला भी बीज निर्माता कंपनियों के पक्ष में आ जाता है।
किसानों को तो यह पता भी नहीं होता कि उसे किस लाट का बीज दिया गया है। अमानक पाए जाने की सूचना भी संबंधित लाट का बीज खरीदने वाले किसानों को नहीं दी जाती। लगभग हर साल बीज व उर्वरक के कुछ सैंपल अमानक पाए जाते हैं लेकिन उस पर क्या कार्रवाई की जाती है यह पता नहीं चलता।
Updated on:
25 Jun 2025 11:59 am
Published on:
25 Jun 2025 11:59 am
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