
CG News: भाजपा आरटीआई प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने आईएएस शमी आबिदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सचिव कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग भारत सरकार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और मुख्य सचिव अमिताभ जैन से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में डॉ. मिश्रा ने एक पत्र भी लिखा है।
पत्र में उन्होंने उल्लेख किया है कि शमी आबिदी छत्तीसगढ़ राज्य में वर्ष 2007 की भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी हैं एवं वर्तमान में छत्तीसगढ़ शासन में महिला एवं बाल विकास विभाग में सचिव के पद पर कार्यरत हैं।
इन्हें 17 वर्षों की भारतीय प्रशासनिक सेवा अनुभव के बाद भी नियम कानूनों का कोई ज्ञान नहीं है। वे मनमाने ढंग से अनाधिकृत ढंग से अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर कार्य संपन्न करती हैं।
डॉ. मिश्रा ने इस संबंध में सप्रमाण दस्तावेज की कॉपी संलग्न करते हुए बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत एक उप संचालक रामजतन कुशवाहा द्वारा दिनांक 3 जनवरी 2024 को विधिवत छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन नियम 1976 के नियम 42 के तहत निर्धारित प्रारूप कमांक-28 में भरकर एक आवेदन पत्र प्रस्तुत करके लगभग 7 माह उपरांत की आशायित तिथि 31 जुलाई 2024 से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए आवेदन पत्र प्रस्तुत किया गया था।
CG News: छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन नियम 1976 के नियम 42 के अनुसार दिनांक 31 जुलाई 2024 से रामजतन कुशवाहा स्वत: सेवानिवृत्त माने जाने चाहिए थे। किंतु, रामजतन कुशवाहा द्वारा 31 जुलाई 2024 तक स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए प्रस्तुत किया गया आवेदन दिनांक 3 जनवरी 2024 वापस भी नहीं लिया गया।
उन्होंने आगे बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग की भारसाधक मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े से कोई प्रशासकीय अनुमोदन लिया गया और न ही रामजतन कुशवाहा द्वारा दिनांक 31 जुलाई 2024 आवेदन वापस लिया गया। इस संबंध में शमी आबिदी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
Updated on:
24 Oct 2024 12:23 pm
Published on:
24 Oct 2024 12:22 pm
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