
CG News: जाति वजह से किसी को इतना भी क्या प्रताड़ित करना कि वह अपने ही हाथों अपनी जान ले ले? इसी सवाल को लेकर ब्राह्मण समाज ने मंगलवार को नवापारा में बाइक रैली निकाल दी। ये प्रदर्शन रायपुर में कलेक्ट्रेट के बाबू प्रदीप उपाध्याय की खुदकुशी के बाद हुआ।
सुसाइड नोट में लिखी प्रदीप की आपबीती सामने आने के बाद ब्राह्मण समाज काफी भड़का हुआ है। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा है। मांग न मानी जाने की सूरत में उग्र आंदोलन की बात भी कही है।
मृतक प्रदीप मिश्रा ने सुसाइट नोट में लिखा है कि वे पूरी ईमानदारी और कर्तव्य निष्ठा से अपना काम कर रहे थे। डायवर्सन शाखा के साथ उन्हें राजस्व आपदा का काम भी सौंपा गया था। परेशान करने के लिए तत्कालीन एसडीओ देवेंद्र पटेल (अभी रायपुर एडीएम) ने अपर कलेक्टर गजेंद्र ठाकुर के साथ मिलकर उन्हें नजीर शाखा में अतिरिक्त काम सौंप दिया। इन्होंने कलेक्टर गौरव सिंह के सामने उनकी छवि खराब की।
ब्राह्मणों को यहां से भगाओ… कहकर बेइज्जत किया गया। वीरेंद्र बहादुर सिंह तत्कालीन अपर कलेक्टर ने बुरी तरह परेशान किया। वे लिखते हैं कि ये तीनो अधिकारी दही मेरी खुदकुशी का कारण हैं। इन्हें सख्त से सख्त सजा देने की गुहार भी लगाई है। सुसाइट नोट में उन्होंने 2019 से उक्त अफसरों की संपत्ति की जांच की मांग करने की बात भी लिखी है।
दरअसल, रायपुर के कलेक्टोरेट राजस्व शाखा में पदस्थ क्लर्क प्रदीप उपाध्याय ने 28 अक्टूबर को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने एक सुसाइड नोट लिखा है, जिसमें विभाग के ही तीन अफसरों तत्कालीन एडीएम गजेंद्र ठाकुर, वीरेंद्र बहादुर सिंह और तत्कालीन एसडीओ देवेंद्र पटेल पर जातिगत प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं।
पत्र में उन्होनें अपनी मौत के लिए इन तीनों को ही जिम्मेदार बताया है। घटना के विरोध में मंगलवार को नवापारा ब्राह्मण समाज ने सुभाष चौक से बाइक रैली निकाली। यहां से सीधे तहसील कार्यालय गए। तहसीलदार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा।
CG News: ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ प्रसन्न शर्मा ने कहा, ऊंचे पदो पर बैठने वाले अफसरों से गुजारिश है कि अपने ओहदे का जरा ध्यान रखें। जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल से बचें। ऐसे अपने किसी मातहत को भविष्य में आत्महत्या करने के लिए मजबूर न करें। जातिसूचक शब्द कितने पीड़ादायक होते हैं, इसे वही समझ सकता है जिनकी जाति के बारे में ऐसे शब्दों का इस्तेमाल होता है।
ज्ञापन सौंपने वालों में कैलाश शुक्ला, रमेश तिवारी, श्यामकिशोर शर्मा, विवेक मिश्रा, ललित पांडेय, शिव तिवारी, प्रफुल्ल दुबे, अनंत पुराणिक, मनहरण शर्मा, सौरभ शर्मा, प्रणय दीवान, वासुदेव पांडेय, कैलाश तिवारी, अंजय शर्मा, ज्ञानेश शर्मा, मनीष शर्मा, गुड्डू मिश्रा, अंकित शर्मा, कमल शर्मा, सुभाषिनी शर्मा, रेखा तिवारी, तनु मिश्रा, रश्मि तिवारी, पूनम दीवान, रूचि शर्मा आदि मौजूद रहे।
Updated on:
30 Oct 2024 12:03 pm
Published on:
30 Oct 2024 12:03 pm
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