
एनआईटी के विद्यार्थियों ने बढ़ाया प्रदेश का मान (Photo Patrika)
CG News: एनआईटी के विद्यार्थियों ने हैदराबाद में आयोजित एशिया-पैसिफिक बायोडिजाइन इनोवेशन समिट में अपनी भागीदारी से छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में टीम ने ‘छत्तीसगढ़ बायोडिजाइन मॉडल’ प्रस्तुत किया, जिसने उपस्थित विशेषज्ञों और इनोवेटर्स का ध्यान अपनी ओर खींचा।
यह मॉडल स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता, सुलभ और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बनाने का खाका प्रस्तुत करता है। एनआईटी रायपुर की टीम में पीएचडी. शोधार्थी सुमित कुमार, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग के विद्यार्थी ऋषभ रंजन झा और शुभम जांगीड़ शामिल थे। इनके साथ एम्स रायपुर के अच्युतानंद भी इनावेटर के रूप में जुड़े। इस समिट की विशेषता रही कि इसमें एनआईटी रायपुर के पूर्व छात्र भी अग्रणी भूमिका में नजर आए।
डॉ. अनुराग मैरल (स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी) और डॉ. मेघा अग्रवाल (लक्जमबर्ग स्कूल ऑफ बिजनेस) ने बतौर को-चेयरमैन आयोजन का नेतृत्व किया। इनके साथ तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी मंच पर मौजूद रहे।
स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान : ‘छत्तीसगढ़ बायोडिजाइन’ का कॉन्सेप्ट डॉक्टरों, इंजीनियरों और इंटरप्रिन्योर्स को एक साथ जोड़कर रुरल और अनरिजर्व कम्युनिटी की स्वास्थ्य चुनौतियों को समझने और हल करने पर केंद्रित है। यह पहल सहानुभूति और स्थानीय संदर्भ से प्रेरित नवाचारों के जरिए ऐसी चिकित्सा तकनीकें विकसित करना चाहती है, जो हर वर्ग तक आसानी से पहुंच सके।
एनआईटी इस कार्यक्रम को एम्स रायपुर, आईआईएम रायपुर, आईआईटी भिलाई और राज्य सरकार के सहयोग से एक मजबूत इकोसिस्टम के रूप में आगे बढ़ा रहा है। इसका लक्ष्य है छत्तीसगढ़ को हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में देश का अग्रणी केंद्र बनाना। विद्यार्थियों को न केवल वैश्विक विशेषज्ञों से जुड़ने का मौका मिला, बल्कि चिकित्सा नवाचार की दुनिया की समझ भी मिली।
Updated on:
29 Aug 2025 12:48 pm
Published on:
29 Aug 2025 12:48 pm
