
CG News: प्रदेश के सभी 17 जिला उपभोक्ता फोरम में जल्दी ही ऑनलाइन आवेदन और सुनवाई शुरू होगी। इसके लिए तीन महीने में सेटअप तैयार किया जाएगा। इस समय केवल राज्य उपभोक्ता आयोग में ई-सुनवाई की व्यवस्था है। रायपुर में ज्यादा प्रकरणों को देखते हुए आयोग की एक अतिरिक्त बेंच भी शुरू की गई है। इससे उपभोक्ताओं के साथ ही जिला फोरम को राहत मिलेगी। न्यू सर्किट हाउस रायपुर में शनिवार को आयोजित उपभोक्ता जागरूकता सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री एवं विधि-विधाई कार्य मंत्री अरुण साव शामिल हुए।
इस अवसर पर उन्होंने द्विवार्षिक प्रतिवेदन के मुद्रित एवं ई-संस्करण का विमोचन किया। राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गौतम चौरड़िया ने कार्यक्रम की अध्यक्षता और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की एसीएस ऋचा शर्मा और सचिव अन्बलगन पी. विशिष्ट अतिथि थे। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि उपभोक्ताओं को न्याय दिलाने, धोखाधड़ी व ठगी से बचाने तथा जागरूक करने में राज्य एवं जिला स्तरीय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग सराहनीय कार्य कर रहा है।
उपभोक्ताओं को ई-जागृति पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन सुविधाएं भी मिल रही हैं। उनकी सहूलियत के लिए आयोग ऑनलाइन सुनवाई प्रारंभ करने की तैयारी में जुटा हुआ है। उन्होंने सम्मेलन में मौजूद विधि के विद्यार्थियों से कहा कि वह उपभोक्ताओं को जागरूक करने और उन्हें उनके अधिकारों से अवगत कराने का काम करें। डिप्टी सीएम ने उपभोक्ता अधिकारों के प्रति नागरिकों को जागरूक करने व्यापक प्रचार-प्रसार कार्यक्रम संचालित करने की घोषणा की।
विभाग के सचिव अन्बलगन पी. ने कहा कि विगत 25-30 वर्षों में बाजार में हर सामग्री की वेराइटी काफी बढ़ी है। उत्पादों व उत्पादकों की बढ़ती संख्या के बीच उपभोक्ता हितों के संरक्षण की जरूरत भी बढ़ रही है। इस अवसर पर आयोग के सदस्य प्रमोद कुमार वर्मा, संयुक्त रजिस्ट्रार मोना चौहान, लेखाधिकारी मधुलिका यादव, रायपुर जिला उपभोक्ता फोरम अध्यक्ष डाकेश्वर प्रसाद शर्मा, रायपुर जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष हितेन्द्र तिवारी सहित विभिन्न जिलों के उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष, सदस्यगण, न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता तथा विधि के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
CG News: आयोग के अध्यक्ष गौतम चौरड़िया ने बताया कि पिछले 2 साल में 4100 मामलों का निराकरण किया जाएगा। दो साल पहले पूरे प्रदेश में 10600 मामले लंबित थे, जो अब घटकर 6500 रह गए हैं। अगले 6 महीनों में सभी लंबित प्रकरणों के निराकरण करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि आयोग आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी उपभोक्ता हितों के संरक्षण के लिए केस फाइलिंग, सुनवाई और दस्तावेजीकरण के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार शुरू करने जा रहा है। विभाग के एसीएस ऋचा शर्मा ने कहा कि जिला उपभोक्ता फोरम एवं राज्य आयोग द्वारा संचार और सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से उपभोक्ताओं के लिए ई-फाइलिंग और ई-सुनवाई की सुविधा विकसित की जा रही है।
Published on:
13 Apr 2025 10:04 am
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