
CG News: विधानसभा में मंगलवार को महतारी वंदन योजना को लेकर हंगामा हुआ। इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए पेंशनधारी महिलाओं की राशि में कटौती करने का आरोप भी लगाया। इसके जवाब में सत्तापक्ष के विधायकों ने पूर्ववर्ती सरकार की वादाखिलाफी को गिनाया। विपक्ष ने घेरा तो महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। इससे नाराज विपक्ष ने विधानसभा से वॉकआउट कर दिया।
प्रश्नकाल में विधायक उमेश पटेल ने महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पंजीकृत हितग्राही का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि क्या वर्तमान में हितग्राहियों की संख्या में कमी आई है? योजना में फर्जी नाम से लाभ लेने का मामला भी आया है? उन्होंने बताया कि हितग्राहियों में कमी आई है। फर्जी नाम से लाभ प्राप्त होने का मामला बस्तर जिले से प्राप्त हुआ है।
विधायक पटेल पूछा कि इसकी जांच कितनी बार कराई और कब-कब कराई है? इस पर मंत्री ने कहा, समय-समय पर जांच होती रहती है। हर दिन जांच होती है। इस पर विधायक पटेल ने कहा, गड़बड़ी का मामला संज्ञान में आने के बाद भी जांच नहीं हो रही।
मंत्री ने कहा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से मृत हितग्राहियों की जानकारी अपडेट की जाती है। विधायक पटेल ने पूछा, घोषणा पत्र में केवल आयकर की बात रखी थी, फिर अलग-अलग नियम बनाया जा रहा है। मंत्री ने कहा, 2023 के चुनाव में महतारी वंदन का वादा किया था। उसे पूरा किया। पूर्ववर्ती सरकार ने वादा किया था, वो तो दिखा ही नहीं।
विधायक उमेश पटेल ने पूछा, जो महिलाएं 60 साल के ऊपर हैं और उन्हें पेंशन मिल रही है, तो क्या उसमें से 500 रुपए की राशि काटी जा रही है। मंत्री राजवाड़े ने कहा, उन्हें अंतर की राशि दी जा रही है। इस विधायक पटेल ने कहा, सबसे ज्यादा जरूरत उनको है। आप स्पष्ट रूप से घोषणा करें कि उनकी 500 की राशि नहीं काटी जाएगी। इस पर मंत्री ने कहा, आपने 5 साल तो विधवा महिलाओं को राशि नहीं दे पाए और हम किस्त दे रहे हैं।
इस पर सत्ता और विपक्ष के बीच विवाद होने लगा। इसके बाद विपक्ष ने बहिर्गमन कर दिया। विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 के आय-व्यय पर सामान्य चर्चा की शुरुआत हुई। विपक्ष की ओर से चर्चा की शुरुआत विधायक उमेश पटेल ने की। इस बीच सदन में वित्त मंत्री ओपी चौधरी मौजूद नहीं थे।
इस पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने अपनी आपत्ति जताई और विपक्ष सदन की कार्यवाही छोड़कर वापस चले गए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को सदन की कार्यवाही 5 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। थोड़े देर बाद वित्त मंत्री सदन में पहुंचे। इसके बाद विधानसभा में बजट पर सामान्य चर्चा शुरू हो सकी।
CG News: विधानसभा में प्रश्नकाल में विधायक सुशांत शुक्ला ने बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में एपीएल राशन कार्ड को बीपीएल राशनकार्ड में परिवर्तित करने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, 57 बीपीएल कार्ड ऐसे लोगों को जारी कर दिए गए हैं, जो सक्षम हैं और उन्होंने कभी आवेदन भी नहीं दिया। उनका आरोप था कि अधिकारियों ने भ्रष्टाचार किया।
इस पर खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा, 2022 से 2025 तक किसी भी एपीएल कार्ड को बीपीएल में नहीं बदला गया। सदस्य की मांग पर मंत्री ने संदेहास्पद राशनकार्डों की जांच कराने की घोषणा की। वहीं, कांग्रेस विधायक इंद्र साव ने धान खरीदी में अमानक बारदानों के इस्तेमाल को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने मांग की कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
इस पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा, अधिकारी सदन को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने विधायकों की समिति से जांच कराने की मांग की। इस पर मंत्री ने सदन में जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने की बात कही है।
Updated on:
05 Mar 2025 06:09 pm
Published on:
05 Mar 2025 12:23 pm
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