
CG News: रायपुर प्रदेश के राइस मिलर्स के लिए अच्छी खबर है कि राज्य सरकार उनके लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान करेगी। प्रदेश के राइल मिलर्स को खरीफ विपणन वर्ष 2022-23 की लंबित प्रोत्साहन राशि की द्वितीय किस्त दी जाएगी।
यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया। बता दें कि प्रोत्साहन राशि का भुगतान लंबित होने से राइस मिलर्स सरकार से नाराज चल रहे थे। इसका सीधा असर धान के उठाव पर भी पड़ रहा था।
डिप्टी सीएम अरुण साव ने कैबिनेट के बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2022-23, 2023-24 एवं 2024-25 के विकेन्द्रीकृत उपार्जन योजना में धान एवं चावल परिवहन की दर के लिए राज्य स्तरीय समिति की अनुशंसा दर स्वीकृत करने की मंजूरी दी गई। उन्होंने कहा, भारत सरकार परिवहन के लिए एक निश्चित राशि देती है। जबकि वास्तविक व्यय का आंकलन राज्य स्तरीय समिति करेगी।
उन्होंने बताया कि इसमें 200 से 300 करोड़ रुपए तक का अतिरिक्त भार आएगा। डिप्टी सीएम ने बताया, मुयमंत्री ने फिल्म द साबरमती रिपोर्ट को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री घोषित किया था। इसके परिपालन में फिल्म द साबरमती रिपोर्ट के प्रदर्शन पर प्रवेश के लिए देय राज्य माल और सेवा कर (एसजीएसटी) के समतुल्य धनराशि की प्रतिपूर्ति किये जाने का अनुमोदन किया गया।
कैबिनेट की बैठक में चतुर्थ राज्य वित्त आयोग की अनुशंसाओं व शासन की एक्शन टेकन रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। बैठक में फैसला लिया गया कि आयोग की अनुशंसाओं पर शासन की एक्शन टेकन रिपोर्ट को विधानसभा के पटल पर रखा जाएगा।
छत्तीसगढ़ राइस मिल समन्वय समिति ने अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था। कैबिनेट में मांग पूरी होने के बाद समिति ने मुख्यमंत्री और खाद्य मंत्री का आभार जताया है। समिति के सदस्यों ने खाद्य मंत्री से मुलाकात कर उनका समान भी किया। इस दौरान राम गर्ग, विजय गोयल, प्रीतेश गांधी, अमर सुलतानिया, कांतिलाल बोथरा, विष्णु बिंदल, रमेश अग्रवाल, वेदराम मनहरे सहित अन्य मौजूद थे।
Updated on:
31 Dec 2024 12:16 pm
Published on:
31 Dec 2024 12:15 pm
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