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CG News: सदन में धान खरीदी पर हंगामा, विपक्ष के विधायक निलंबित, सत्ता और विपक्ष के बीच जमकर नारेबाजी

CG News: विधायक गर्भगृह में पहुंच गए और स्वयंमेव निलंबित हो गए। इस दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच जमकर नारेबाजी भी हुई। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि पहले दिन से ही किसानों को चोर समझा गया। किसानों का पूरा धान नहीं खरीदा गया।

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CG News: सदन में धान खरीदी पर हंगामा, विपक्ष के विधायक निलंबित, सत्ता और विपक्ष के बीच जमकर नारेबाजी

CG News: विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शून्यकाल में धान खरीदी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने आरोप लगाया कि धान खरीदी के मामले में सरकार की नीति फेल रही है। किसानों को खून के आंसू रोने पड़े। सरकार के पास पैसे नहीं थे, इसलिए जानबूझकर पूरी खरीदी नहीं की गई। किसानों की परेशानी को सदन में रखते हुए विपक्ष ने काम रोको प्रस्ताव के जरिए कराने की मांग रखी। विपक्ष की बातों को सुनने के बाद सभापति धरमलाल कौशिक ने उनके प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

इससे नाराज विपक्ष के विधायक गर्भगृह में पहुंच गए और स्वयंमेव निलंबित हो गए। इस दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच जमकर नारेबाजी भी हुई। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि पहले दिन से ही किसानों को चोर समझा गया। किसानों का पूरा धान नहीं खरीदा गया। किसानों को टोकन के नाम पर परेशान किया गया। अंग्रेजों के जमाने से भी बुरी स्थिति रही है। विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि कोरोना के समय लोग परेशान रहे। इसके बाद समर्पण शब्द आया। आज तक नहीं सुना था कि रकबा का भी समर्पण होता है।
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खरीदी फिर शुरू करने और कर्जमाफी की मांग

विधायक उमेश पटेल ने किसानों के आंकड़ों के साथ उनकी परेशानियों को रखा। उन्होंने मांग रखी कि सरकार फिर से धान खरीदी करें या फिर किसानों का कर्ज माफ करें। विपक्ष के अन्य विधायकों ने कहा, किसान इतने प्रताडि़त हो गए थे, उन्हें आत्महत्या जैसे कदम उठाने पड़े। यह किसानों का यह प्रदेश है। इसके बाद भी बस्तर से लेकर सरगुजा तक किसान परेशान हैं।

अधिकारी ले रहे फैसले: बघेल

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार की मंशा पहले से ही स्पष्ट हो गई है। सरकार का फैसला होता तो वो कभी नहीं करती, लेकिन यहा अधिकारी राज चल रहा है। किसानों को चोर समझा गया। उनके घर व खलिहान में जबरदस्ती प्रवेश किया गया। मेरे घर पर भी अधिकारी बलात तरीके से घुसे थे।
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ड्रग पैडलरों की सूची से नव्या मलिक का नाम गायब

प्रश्नकाल में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डिप्टी सीएम व गृहमंत्री विजय शर्मा से पिछले 12 महीनों में पकड़े गए अंतरराज्यीय ड्रग तस्करों की सूची मांगी थी। इसके लिखित जवाब में डिप्टी सीएम शर्मा ने 282 प्रकरणों से जुड़े आरोपियों के नाम बताए। इसमें चर्चित ड्रग्स केस से जुड़ी नव्या मलिक का नाम नहीं था। इस पर भूपेश ने सवाल पूछा कि नाव्या का नाम सूची में क्यों नहीं है? इसका विदेश से क्या कनेक्शन है? कितनी बार विदेश गई और किनके साथ गई? इस पर डिप्टी सीएम ने कहा, इसका परीक्षण कराएंगे। बाद में मीडिया से चर्चा करते हुए शर्मा ने बताया कि बघेल ने अंतरराज्यीय तस्कर की बात कही, लेकिन जिस आरोपी का नाम 2 राज्यों में नहीं होगा, उसे अंतरराज्यीय कैसे कहेंगे? रही बात नव्या मलिक की तो उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी।

2937 नक्सलियों का सरेंडर

प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी ने पूछा कि 2023 से अब तक अब तक कितने नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया? इनामी नक्सलियों में से किन-किन को राशि दी गई और कितनी देना बाकी है? इस पर डिप्टी सीएम शर्मा ने बताया, 9 फरवरी 2026 तक 1496 इनामी नक्सलियों को मिलाकर कुल 2937 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। प्रारंभिक राशि के तौर पर नक्सलियों को 5 करोड़ 64 लाख रुपए दी गई है। इनाम की 49 करोड़ 34 लाख रुपए की राशि दिया जाना शेष है। यह उनके बैंक खाते में दी जाएगी, जिसे वो तीन साल बाद निकाल सकते हैं।