
CG Election 2018: जनप्रतिनिधियों से उम्मीदें अधिक और शिकायतों की भरमार
रायपुर. उत्तर विधानसभा का पंडरीतराई क्षेत्र वोट बैंक के हिसाब से महत्वपूर्ण है। यहां श्रमिक वर्ग अधिक है। फाफाडीह की तरफ से जैसे ही देवेन्द्र नगर होते हुए पंडरीतराई जाने निकले तो रास्ते में जाम लगा हुआ था। जैसे-तैसे वहां से निकलकर आगे बढ़े तो एक चाय की दुकान पर ठहर गए। वहां चुनाव की बात छेड़ते ही उम्मीदें और शिकायतों का दौर शुरू हो गया है।
योजनाओं का लाभ मिला, समस्याओं से राहत नहीं
यहां से आगे बढऩे पर पंडरीतराई में कुष्ठ बस्ती मिली। यहां के लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान तो मिला है, लेकिन कुछ लोग अभी भी अपनी पुरानी जमीन नहीं छोड़ी है। इस बूथ में उत्कल, साहू, कुर्मी और देवांगन समाज के लोगों की संख्या अधिक है। यहा जिला अस्तपाल में सुविधाएं पर्याप्त नहीं है।
भाजपा को करनी होगी ज्यादा मशक्कत
शंकर नगर क्षेत्र का नाम सुनते ही मंत्रियों और बड़े अफसरों को चेहरा सामने आता है। इस क्षेत्र में प्रदेश के ज्यादातर कद्दावर मंत्रियों के बंगले हैं। मुख्य सचिव का निवास स्थान भी शंकर नगर में ही है। यहां भारत माता गैरेज के पीछे का क्षेत्र शंकर नगर के बूथ नम्बर 77 में आता है। यहां कांग्रेस को 536 वोट मिले थे। बूथ में जाने पर ज्यादा कॉलोनियों वाला एरिया मिला, जो कि साफ-सुथरा नजर आ रहा था।
लोगों से बातचीत करने के बाद हकीकत कुछ अलग नजर आई। यहां एक दाल मिल का संचालन होता है। रहवासी क्षेत्र में इस मिल के संचालन का कई दफा विरोध हुआ है। शासन-प्रशासन तक इसकी शिकायतें भी हुई है, लेकिन इस समस्या का हाल नहीं निकल सकता है। यहां वैसे तो पंजाबी, बंगाली और छत्तीसगढ़ के मिलेजुले लोग है, लेकिन तरुण नगर के श्रमिक बस्ती का भी कुछ हिस्सा यहां पर आता है।
Updated on:
20 Sept 2018 01:30 pm
Published on:
20 Sept 2018 01:30 pm
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