
CG Water Supply: 588 किमी पाइपलाइन और 30 करोड़ खर्च(photo-patrika)
CG Water Supply: छत्तीसगढ़ के रायपुर में स्मार्ट सिटी कंपनी शहर के 15 वार्डों में आज तक 24 घंटे पानी सप्लाई नहीं कर पाई है। जबकि ये काम दो साल पहले ही हो जाना था, लेकिन स्मार्ट सिटी के अफसरों और भारी-भरकम कंसल्टेंसी कर्मचारियों की कार्यशैली का आलम यह है कि कोई भी काम समय पर पूरा होने का नाम नहीं ले रहा है। कभी मीटर लगाने तो कभी पाइप लाइन का काम पूरा होने के ही दावे किए जा रहे हैं।
CG Water Supply: अमृत मिशन योजना के तहत शहर के लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के लिए 500 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। इसी के तहत रायपुर स्मार्ट सिटी के एरिया बेस डेवलपमेंट के तहत घनी आबादी वाले 15 वार्डो को प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है, जिनमें मुख्य रूप से मोतीबाग और गंज टंकी से 24 घंटे जलापूर्ति करने के लिए पाइप लाइन भी बिछाई गई, लेकिन जैसे सप्लाई की शुुरुआत होती है तो कहीं-कहीं लीकेज का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दो-तीन दिनों से गंज मंडी पानी टंकी की मेन पाइप लाइन का लीकेज सुधारा जा रहा है।
स्मार्ट सिटी कंपनी के अधिकारियों के अनुसार 24 घंटे पेयजल आपूर्ति अंतिम चरण में है। अभी टेस्टिंग के दौरान लीकेज की बड़ी समस्या शहर के बाजार वाले क्षेत्रों में आ रही है। अधिकारियों का भी यह भी कहना है कि पाइप लाइन बिछाने के बाद अंडरग्राउंड बिजली केबल का काम हुआ है। इससे कई जगह पाइप लाइन डैमेज हुआ है। एजेंसी उसी को अभी ठीक कर रही है। मुय रूप से सदरबाजार वार्ड, कालीबाड़ी, तात्यापारा, ब्राह्मण पारा, फूलचौक के आसपास का एरिया और सिविल लाइन क्षेत्र शामिल हैं।
स्मार्ट सिटी कंपनी महाप्रबंधक जनसंपर्क आशीष मिश्रा ने कहा की रायपुर स्मार्ट सिटी योजना में शामिल होने के समय 24 घंटे नलों में पानी देने का प्लान था। इसी के तहत ऐसे 15 वार्डों में पाइपलाइन व पानी मीटर लगाने का काम पूरा है। सप्लाई के लिए टेस्टिंग जारी है। जल्द जलापूर्ति होने लगेगी।
दावा यह भी किया गया कि सबसे पहले पुरानी बस्ती क्षेत्र के लक्ष्मीनारायण वार्ड के हर घर में 24 घंटे पानी आने लगेगा, लेकिन आज तक इस क्षेत्र के नल सूखे हैं। बल्कि जिस तरह सभी वार्डों में दो वक्त सुबह और शाम पेयजल आपूर्ति होती है, वैसी ही सप्लाई हो रही है।
जबकि सातों दिन 24 घंटे पानी देने के प्लान में मोतीबाग टंकी से 9 और गंज मंडी पानी टंकी से 7 वार्ड को शामिल किया गया था। परंतु आज तक इन दोनों टंकियों से करोड़ों की योजना का लाभ शहर के 15 वार्डों के लोगों ने मिल नहीं पाया है।
Updated on:
18 Nov 2024 10:10 am
Published on:
18 Nov 2024 10:10 am
