यही नहीं रेफ्रिजरेटर से लेकर ब्लड सेल काउंटर मशीन को कई गुना ज्यादा दामों पर खरीदा गया। हद तो तब हो गई, जब ब्लड सेल काउंटर मशीन को लॉक कर दिया गया। इससे जहां भी इन मशीनों की सप्लाई हुई है, वहां ब्लड की जांच नहीं हो पा रही है। ये इसलिए किया गया, ताकि सीजीएमएससी मोक्षित से ही रीएजेंट खरीद सके। जबकि विशेषज्ञों के अनुसार रीएजेंट प्रोपराइटीज आइटम तो है, लेकिन 50 फीसदी केस में दूसरी कंपनी के रीएजेंट से जांच हो सकती है। फिर भी सप्लायर ने खेल किया। इससे मरीजों की जांच प्रभावित हो रही है।