
9 वीं में 6 विषय के प्रश्न-पत्रों की छपाई व अंकसूची के लिए 35 रुपए लिए जा रहे हैं, इसके तकरीबन 6 लाख छात्रों से 2 करोड़ 10 लाख रुपए की वसूली होगी। इसके साथ 11 वीं में पांच प्रश्न पत्रों पर लगभग 4 लाख परीक्षार्थियों से 1 करोड़ 40 लाख रुपए की वसूली की जाएगी।इन आंकड़ों को अगर जोड़ा जाए तो लगभग 3 करोड़ की राशि शुल्क के रूप में मिलेगी।
इन कक्षाओं में प्रवेश के दौरान बच्चों से 100 -150 रुपए की फीस वसूली जाती है। जिससे लगभग 15 करोड़ रुपए मिलते हैं। इसके बावजूद परीक्षा के ठीक एक माह पूर्व इस तरह का आदेश छात्रहित में नजर नहीं आता है।
लोक शिक्षण संचनालय के डीपीआई एस प्रकाश ने बताया कि बोर्ड परीक्षाओं में जिस तरह 60 रपए शुल्क के रूप में लिया जाता है, उसी तरह 11 वीं व 12 वीं के छात्रों से यह शुल्क लेने का आदेश दिया गया है।
Published on:
4 Mar 2018, 12:27 PM IST
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