
रायपुर . मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय के महानदी भवन में जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों की राज्य स्तरीय संयुक्त बैठक हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास और आम जनता की भलाई के लिए सरकार अनेक योजनाएं चला रही है। जिनके बेहतर परिणाम भी मिल रहे हैं। लेकिन योजनाओं के सफल नहीं होने का सबसे कारण है कलेक्टरों को इन सबके बारे में सही तरीके से जानकारी नहीं है। वे समझेंगे तभी आम जनता को इन योजनाओं का लाभ मिलेगा। शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने में कलेक्टरों के साथ पुलिस अधीक्षकों की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।
सीएम ने बैठक में प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा की और अधिकारियों को अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, सामुदायिक पुलिसिंग, अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिलों में कानून व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से जिला दण्डाधिकारी के रूप में कलेक्टरों के साथ पुलिस अधीक्षकों का हर दिन बेहतर से बेहतर समन्वय बहुत जरूरी है। उन्होंने सभी जिलों के सीमावर्ती इलाकों और विशेष रूप से छत्तीसगढ़ से लगे हुए पड़ोसी राज्यों की सरहदों पर निगरानी और सूचना तंत्र को और भी ज्यादा बेहतर बनाने की आवश्यकता बताया।
अपराध नियंत्रण में पुलिस की भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की कार्य शैली से अपराधियों पर उसका खौफ बना रहे और आम जनता पुलिस को अपना मित्र समझे। प्रदेश की नक्सल समस्या के संदर्भ में कहा कि प्रभावित इलाकों में सरकार की विभिन्न योजनाओं के जरिए किसानों, ग्रामीणों और युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास कर रही है।
इन इलाकों में जनता को विश्वास में लेकर नक्सल चुनौती से निपटने में पुलिस को अच्छी सफलता भी मिल रही है। मुख्यमंत्री ने नक्सल समस्याग्रस्त जिलों में जिला दण्डाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को और भी ज्यादा सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य सचिव विवेक ढांड, गृह विभाग के प्रमुख सचिव बी.व्ही.आर. सुब्रमण्यम, पुलिस महानिदेशक ए.एन. उपाध्याय, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव अमन कुमार सिंह और अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
Published on:
24 Oct 2017 03:03 pm

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