
भूख से तड़प रही नवजात को दूध पिलाने जेल में बंद मां के पास भेजने से किया इनकार तो..
रायपुर . मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठीं नर्सों पर सरकारी की सख्ती का असर उनके बच्चों पर पड़ रहा है। हड़ताली नर्सों की गिरफ्तारी के बाद दुधमुंहे मासूमों की आंखें मां को तलाश रही हैं। लेकिन मासूमों को फीडिंग के लिए जेल के अंदर बंद मां के पास भेजने से जेल प्रशासन ने इनकार कर दिया।
वहीं भूख से तड़प रहे मासूमों को नर्सों से मिलवाने कांग्रेस नेता ने जेल में बने बाउंड्रीवाल से अंदर पहुंचाया। सरकार के इस सख्त रवैए से हड़ताली नर्सों के परिजन भड़क उठे। परिजनों शासन के खिलाफ एफआईआर का फैसला किया है। नर्सो के बच्चों को पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा ने जेल में बने बाउंड्रीवाल से अंदर पहुचाया।
इससे पहले सरकार ने बातचीज के जरिए नर्सों की हड़ताल को खत्म करने का प्रयास किया, लेकिन हड़ताली नर्स अपने जिद पर अड़ी हुई हैं। हड़ताल को खत्म करवाने के लिए जेल में बंद नर्सों की सरकार से बातचीत एक बार फिर बेनतीजा रही। रायपुर कलेक्टर ओमप्रकाश चौधरी शनिवार सुबह हड़ताल खत्म करने नर्सों से मिलने सेंट्रल जेल पहुंचे। कलेक्टर ने मांगों को लेकर जिद पर अड़ी नर्सों को समझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन हड़ताली नर्स नहीं मानी।
दरअसल, मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही रहीं नर्सों पर एस्मा लगाने के बाद सरकार ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने प्रदर्शन कर रही 883 नर्सों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। देर शाम को 227 को सेंट्रल जेल में दाखिल कर दिया गया। बाकी नर्सों को परिसर में ही रखा गया।
केंद्रीय जेल में क्षमता से अधिक नर्सों के पहुंचने से प्रशासन ने अन्य जेलों में भेजने की कवायद शुरू कर दी है। वहीं, गिरफ्तार नर्सें एक जगह पर रखे जाने की मांग कर रही हैं। नर्सों की नि:शर्त रिहाई के लिए केंद्रीय जेल परिसर के बाहर उनकी साथी नर्सें और परिजन अड़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि जेल के अंदर नर्सों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। इधर, सेंट्रल जेल पहुंचकर विधायक सत्यनारायण शर्मा और महापौर प्रमोद दुबे गिरफ्तारी का विरोध किया।
Published on:
2 Jun 2018, 4:10 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.