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चार राज्यों को जोड़ने वाली यह ट्रेन 6 महीने में पहली बार आई टाइम पर

छत्तीसगढ़ से यूपी और बिहार जाने वाली गाडिय़ों के बुरे हाल

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Sarnath express train late

छत्तीसगढ़ को यूपी और बिहार से जोडऩे वाली एक्सप्रेस चल रही लोकल की चाल, हजारो यात्री पस्त

रायपुर . छत्तीसगढ़ को बिहार और उत्तर प्रदेश से जोडऩे वाली ट्रेनों का हाल बेहाल है । तंग रेलवे ट्रैक्स पर हमारी रेल मजबूरी की रेल बन गई है। स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है किहजारों यात्रियों को रोज लाने ले जाने वाली सारनाथ एक्सप्रेस पिछले 6 महीने में केवल एक दिन समय से दुर्ग पहुंची है ,पिछले 6 महीनों के दौरान यह ट्रेन औसतन साढ़े सात घंटे विलम्ब से दुर्ग पहुंची है वही अधिकतम 20 घंटे लेट हुई है । वहीँ छत्तीसगढ़ से बिहार को जोडऩे वाली एक अन्य ट्रेन गोंदिया बरौनी उसी 6 माह में केवल चार बार समय से बरौनी पहुंची है।

सारनाथ एक्सप्रेस के निरंतर विलम्ब होनेको लेकर नार्दर्न रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि छपरा स्टेशन में पिट लाइन का विस्तार न होने की वजह से यह समस्या आ रही है जिसकी वजह से यह दिक्कत है । जबकि रेलवे से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ समय से सारनाथ एक्सप्रेस के केवल तीन ही रैक चल रहे हैं एक रैक के न होने की वजह से यह समस्या आ रही है। गोंदिया बरौनी को लेकर ईस्ट सेंट्रल जोन के अधिकारियों के जवाब चौकाने वाले हैं, डिविजनल आपरेशन मैनेजर ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे कहते हैं जब ट्रेन लेट से मिलेगी तो और लेट होगी हम क्या करें ?

छत्तीसगढ़ से बिहार जाने वाली साउथ बिहार एक्सप्रेस का हाल अन्य ट्रेनों के हाल बेहतर हैं । दुर्ग से राजेंद्र नगर जाने वाली साउथ बिहार एक्सप्रेस पिछले 6 महीनों के दौरान कभी भी विलम्ब से नहीं खुली है और 36 फीसदी समय से अपनी मंजिल पर पहुंची है। यह ट्रेन औसतन 98 मिनट विलम्ब से चली है,वापसी में भी यह ट्रेन लगभग इतनी ही विलंबित रही है। ऐसे में इससे यात्रा करना कम तकलीफदेह रहा है ।

छत्तीसगढ़ को बिहार से जोडऩे वाली गोंदिया बरौनी एक्सप्रेस का हाल भी बेहद बुरा है । पिछले 6 महीने के दौरान केवल 45 बार ही यह ट्रेन गोंदिया से समय से खुली है नहीं तो औसतन 3 घंटे विलम्ब से खुलती है और बरौनी पहुँचते पहुँचते यह औसतन 6 घंटे विलंबित हो जाती है । इस ट्रेन का हाल कितना बुरा है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 6 महीने के दौरान केवल 4 बार यह ट्रेन समय से बरौनी पहुंची है । दिलचस्प यह है कि अधिकारियों को खुद भी नहीं पता कि यह ट्रेन विलम्ब से क्यों चल रही है । नाम न छापने की शर्त पर एक अधिकारी बताते हैं कि इसका 15 से 20 घंटा विलंबित होना सामान्य बात है , मंत्रालय तक इसकी शिकायत पहुंची है मगर कही कुछ नहीं होता।

नार्थ ईस्टर्न रेलवे जोन के सीनियर डिविजनल आपरेशन मैनेजर अतुल गुप्ता ने बताया कि सारनाथ के देरी से चलने की वजह छपरा में पिट लाइन का न होना है जिस पर रेलवे काम कर रहा है। यह कहना कठिन है यह स्थिति कब तक ठीक हो जायेगी ।

ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे के सीनियर डिविजनल आपरेशन मैनेजर सलिल झा ने बताया कि गोंदिया बरौनी लेट से ही छोड़ी जाती है फिर और लेट होती चली जाती है। कोशिश होगी कि यह सही समय से चले।