छत्तीसगढ़ प्रदेश मे काँग्रेस की भपेश बघेल सरकार जब से बनी है छत्तीसगढ़ के पारंपरिक त्योहारों को बड़े ही हर्षो उल्लास के साथ मनाया जा रहा है इसी कड़ी में आज से रामसागर पारा में ऐतिहासिक पोरा पर्व की शुरुआत की गई जिसमें रामसागर पारा मेन रोड में मंच लगा कर बैला दौड़ कराया गया जिसमें समस्त बैल जोडो को पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया साथ मे सम्मान राशि के रूप में सर्वश्रेष्ठ बैल जोडो को 7100/- एवं प्रथम बैल जोड़े को 5100/- द्वितीय बैल जोड़े को 3100/- एवं अन्य सभी बैल जोडो को प्रोत्साहन राशि स्वरूप 2100/-का उपहार राशि दिया गया साथ ही प्रशस्ति पत्र देकर सभी बैल जोडो के मालिकों के उत्साह वर्धन किया गया बैलो के जोडो की विधि विधान से पूजा अर्चना कर बैल दौड़ की शुरुवात हुई जिसमे हजारो की संख्या में क्षेत्र की जनता ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया आज के पर्व की खास बात ये रही की रायपुर के अलग अलग क्षेत्रो से आये बैल जोड़े आकर्षण का केंद्र रहे बैलो के दौड़ से आम जनता में उत्साह का माहौल देखने को मिला पोरा पर्व छत्तीसगढ़ का सबसे प्रसिद्ध और पारंपरिक पर्व है। यह त्यौहार किसानों और खेतिहर मजदूरों के लिए विशेष महत्व रखता है। ‘पोरा पर्व’ त्योहार कृषि के अमूल्य योगदान के लिए संपूर्ण गोजातीय वंश के प्रति सम्मान और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में बैलों की पूजा की जाती है