
एक साथ 31 पेेरेन्ट्स पहुंचे टीसी लेने स्कूल, बोले- यहां हमारे बच्चे नही है सेफ ...
कोरबा . क्या आप अपने बच्चे को अच्छे स्कूल में पढ़ाना चाहते हैं? यह सवाल सुनकर शायद ही कोई अभिभावक ‘ना’ कहे। लेकिन करतला के आसपास हाथी प्रभावित क्षेत्र के लोगों से जब आप यह सवाल करेंगे तो उनका जबाव ‘ना’ में ही होगा। करतला ब्लॉक का सबसे अच्छा स्कूल मुख्यमंत्री डीएवी पब्लिक स्कूल घने जंगल के बीच स्थित है। यह क्षेत्र हाथी प्रभावित है। हाथियोंं के बढ़ते उत्पात से जिला मुख्यालय से 38 किमी दूर करतला के ग्राम बड़मार के ग्रामीण अपने बच्चों को स्कूल भेजने को तैयार नहीं है। करतला, बड़मार, टिमन भवना, चोरभट्ठी और रामपुर से भी स्कूल में पढऩे वाले छात्रों की उपस्थिति कम हो रही है। नया शिक्षा सत्र चालू होने के बाद से अब तक 31 बच्चों के माता-पिता स्कूल से स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) के लिए अर्जी लगा चुके हैं।
स्कूल प्रशासन का कहना है कि हाथी की परेशानी बताकर टीसी मांगने वाले अभिभावकों की संख्या से शिक्षा विभाग को अवगत करा दिया गया है। कोरबा कलक्टर को अवगत कराया जाएगा। इसके बाद ही स्थानांनतरण प्रमाण पत्र देने का निर्णय होगा।
ग्र्राम बड़मार की सरपंच रजनी राठिया ने कहा कि हाथियों के उत्पात से पहले खेती-किसानी चौपट हो गई। अब बच्चे शिक्षा से दूर हो रहे हैं। आसपास के जंगल में हाथियों का झुंड जितने दिन तक रहता है, उतने दिन तक बच्चे स्कूल नहीं जाते हैं। हालात बेहद डरावने हो गए हैं। अब अभिभावक बड़मार के मॉडल स्कूल से अपने बच्चों का नाम कटवा रहे हैं। स्कूल में बाउंड्रीवाल भी नहीं है। न ही छात्रों को लाने ले जाने के लिए बस की सुविधा है।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान जिला परियोजना समन्वयक सहायक एम.पी. सिंह ने कहा कि बड़मार स्कूल से टांसफर सर्टिफिकेट लेने के लिए करीब 30 बच्चों के अभिभावकों ने आवेदन दिया है। इस पर विचार कर सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। क्षेत्र में हाथियों के उत्पात से दहशत तो रहती ही है।
Updated on:
05 Jul 2018 12:22 pm
Published on:
05 Jul 2018 11:23 am
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