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अपने वार्ड में काम नहीं होने से नाराज पार्षद देने वाले थे इस्तीफा, फिर ऐसा क्या हुआ कि इन पार्षदों ने इस्तीफा देने से किया इनकार, पढि़ए खबर…

- अशोक चावलानी ने बुधवार को कुछ खास पार्षदों संग की मीटिंग, नाराजगी दूर करने की कोशिश
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कोरबा

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Shiv Singh

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Updated: 5 Jul 2018, 11:12 AM IST

अपने वार्ड में काम नहीं होने से नाराज पार्षद देने वाले थे इस्तीफा, फिर ऐसा क्या हुआ कि इन पार्षदों ने इस्तीफा देने से किया इनकार, पढि़ए खबर...

अपने वार्ड में काम नहीं होने से नाराज पार्षद देने वाले थे इस्तीफा, फिर ऐसा क्या हुआ कि इन पार्षदों ने इस्तीफा देने से किया इनकार, पढि़ए खबर...

कोरबा. भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अशोक चावलानी ने बुधवार को कुछ खास पार्षदों संग मीटिंग की। उनकी नाराजगी दूर करने की कोशिश की और उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी समस्याएं व नाराजगी पार्टी के बड़े नेताओं तक पहुंचा दी गयी हैं। चावलानी के इस आश्वासन का यह असर जरूर हुआ है कि त्यागपत्र देने की घोषणा करने वाले बीजेपी के पार्षद अब त्यागपत्र नहीं देंगे।

निगम के वार्ड क्रमांक दो के पार्षद विकास अग्रवाल द्वारा पिछले दिनों घोषणा की गई थी कि पांच जुलाई को उनके द्वारा इस्तीफा दिया जा सकता है। वहीं पार्टी के कुछ अन्य पार्षदों के भी इस्तीफे की अटकलें लगाई जा रही थी। इस मामले की खबर जब पार्टी को लगी। जिलाध्यक्ष अशोक चावलानी ने पार्षदों से चर्चा की। जानने कीे कोशिश की कि किस वार्ड में काम कहां नहीं हो रहा है। पार्षदों की समस्याएं भी सुनीं।

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चुनावी साल में चाहिए सबका साथ
गौरतलब है कि प्रदेश में सरकार होने के बाद भी काम नहीं होने से इस्तीफे पर काफी हंगामा हो सकता था। पार्टी की किरकिरी भी हो सकती थी। लिहाजा रायपुर तक संगठन के नेताओं को कोरबा के बीजेपी पार्षदों के कामकाज का ब्यौरा दिया गया है। वहीं स्थानीय स्तर पर अधिकारियों से चर्चा कर आश्वासन के बाद अब फैसला लिया गया है कि पार्षद इस्तीफा नहीं देंगे।

गौरतलब है कि निगम में विपक्षी पार्षदों की लंबे समय से शिकायत रही है कि उनके वार्ड के कार्यों को लेकर भेदभाव किया जा रहा है। भाजपा पार्षदों का कहना है कि पिछले तीन साल में संगठन द्वारा उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया जाता है। जिससे पार्षदों में नाराजगी और बढ़ती चली गई। सभापति के अविश्वास प्रस्ताव में बीजेपी की करारी हार के बाद अधिकांश पार्षदों ने संगठन पर सहयोग नहीं करने का आरोप तक मढ़ दिया था। अब गुरुवार को कुछ अन्य पार्षदों के साथ सामूहिक रूप से बैठक लेकर आगे की रणनीति भी तैयार की जाएगी। चुनावी साल में संगठन अपने पार्षदों की नाराजगी दूर करने में लगी हुआ है।