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CG News: राजिम कुंभ में होगा मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह, 200 जोड़े बंधेंगे परिणय बंधन में, इस तारीख तक करवा के पंजीयन

CG News: राजिम कुंभ (कल्प) नवीन मेला स्थल, चौबेबांधा में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में लगभग 200 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जाएगा।

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बेटी के सात फेरे होने से ठीक पहले पिता की हुई मौत गांव के लोगों ने बेटी का कराया विवाह दमोह. जिले के हटा तहसील अंतर्गत आने वाले चकरदा गांव में एक व्यक्ति की मौत बेटी के सात फेरे लेने से कुछ घंटों पहले हो गई, जिसके बाद गांव के लोगों ने मानवता की मिशाल पेश करते हुए बेटी का विवाह रचवाया और विदा किया। घटना 15 जनवरी की है। जानकारी अनुसार १५ जनवरी की रात करीब 11 बजे अशोक रैकवार 42 की अचानक मौत हो गई। जबकि अगले दिन की सुबह मृतक अशोक की बेटी शांति रैकवार का विवाह संपन्न होना था। इधर, पिता की मौत के बाद घर में हिंदू रिवाजों के अनुसार सूतक हो गया और बेटी का विवाह रूकने की स्थिति तक पहुंच गया। इसी दौरान गांव के लोगों ने आगे आकर बेटी का विवाह दूसरे गांव धूमा के मंदिर से संपन्न कराया। इस विवाह को दोनों गांव के लोगों ने सामूहिक रूप से संपन्न कराया। बेटी के पिता के रूप में धूमा गांव निवासी भग्गन रैकवार बने और कन्यादान किया। इधर, इस तरह होने वाले विवाह में दूल्हे अंकित के परिजनों का भी सहयोग रहा। गांव के पुष्पेंद्र पटेल ने बताया कि सूतक के कारण घर में विवाह नहीं हो सकता था, इसलिए समीपस्थ गांव के मंदिर से विवाह कराया गया है। वहीं इसी घटनाक्रम में एक और बात यह सामने आई कि मृतक अशोक की आठ बेटियां हैं, जिनमें अभी दो बेटियों का विवाह हुआ है। अशोक लंबे समय से कैंसर रोग से पीडि़त चल रहे थे और ऐन मौके पर अशोक की सांसें थम गईं।

बेटी के सात फेरे होने से ठीक पहले पिता की हुई मौत गांव के लोगों ने बेटी का कराया विवाह दमोह. जिले के हटा तहसील अंतर्गत आने वाले चकरदा गांव में एक व्यक्ति की मौत बेटी के सात फेरे लेने से कुछ घंटों पहले हो गई, जिसके बाद गांव के लोगों ने मानवता की मिशाल पेश करते हुए बेटी का विवाह रचवाया और विदा किया। घटना 15 जनवरी की है। जानकारी अनुसार १५ जनवरी की रात करीब 11 बजे अशोक रैकवार 42 की अचानक मौत हो गई। जबकि अगले दिन की सुबह मृतक अशोक की बेटी शांति रैकवार का विवाह संपन्न होना था। इधर, पिता की मौत के बाद घर में हिंदू रिवाजों के अनुसार सूतक हो गया और बेटी का विवाह रूकने की स्थिति तक पहुंच गया। इसी दौरान गांव के लोगों ने आगे आकर बेटी का विवाह दूसरे गांव धूमा के मंदिर से संपन्न कराया। इस विवाह को दोनों गांव के लोगों ने सामूहिक रूप से संपन्न कराया। बेटी के पिता के रूप में धूमा गांव निवासी भग्गन रैकवार बने और कन्यादान किया। इधर, इस तरह होने वाले विवाह में दूल्हे अंकित के परिजनों का भी सहयोग रहा। गांव के पुष्पेंद्र पटेल ने बताया कि सूतक के कारण घर में विवाह नहीं हो सकता था, इसलिए समीपस्थ गांव के मंदिर से विवाह कराया गया है। वहीं इसी घटनाक्रम में एक और बात यह सामने आई कि मृतक अशोक की आठ बेटियां हैं, जिनमें अभी दो बेटियों का विवाह हुआ है। अशोक लंबे समय से कैंसर रोग से पीडि़त चल रहे थे और ऐन मौके पर अशोक की सांसें थम गईं।

CG News: मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के तहत जिले में भव्य आयोजन आगामी 06 फरवरी 2026 को राजिम कुंभ (कल्प) नवीन मेला स्थल, चौबेबांधा में किया जाएगा। इस कार्यक्रम में अतिथियों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में लगभग 200 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया जाएगा।महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि इच्छुक माता-पिता अपने विवाह योग्य पुत्र-पुत्रियों के लिए 31 जनवरी 2026 को सायं 05:30 बजे तक संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों अथवा परियोजना कार्यालय में पंजीयन करा सकते हैं। निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि योजना का लाभ मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना अंतर्गत राशन कार्डधारी परिवारों को मिलेगा। बीपीएल के अतिरिक्त अन्य पात्र कार्डधारी परिवार भी योजना में शामिल हो सकते हैं। कन्या की आयु 18 वर्ष से अधिक तथा वर की आयु 21 वर्ष से अधिक होना अनिवार्य है। आयु सत्यापन हेतु वर-वधु की शैक्षणिक अंकसूची प्रस्तुत करना आवश्यक होगा। कन्या एवं उसका परिवार छत्तीसगढ़ राज्य का निवासी होना चाहिए तथा विवाह के लिए वर-वधु के माता-पिता की सहमति अनिवार्य है।

योजना के अंतर्गत विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को भी लाभ दिया जाएगा। योजना के तहत वधु को 35 हजार रुपये का चेक प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त 7 हजार रुपये की श्रृंगार सामग्री तथा 8 हजार रुपये विवाह आयोजन, मंडप आदि मदों में व्यय किए जाएंगे। चेक का वितरण विवाह स्थल पर ही किया जाएगा, इसके लिए वधु को अपने बैंक पासबुक की छायाप्रति साथ लानी होगी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत दिव्यांग कन्या को समाज कल्याण विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग दोनों से लाभ मिलेगा।

वहीं अंतरजातीय विवाह के मामलों में अतिरिक्त सहायता आदिम जाति विकास विभाग द्वारा प्रदान की जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि वे योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार कर पात्र एवं निर्धन परिवारों को इस योजना का लाभ दिलाने के लिए प्रोत्साहित करें।