
@सुनील सुधाकर पाण्डेय . किसी चीज को पूरे दिल से चाहो तो पूरी कायनात जुट जाती है आपको उससे मिलाने में। ऐसा हि हुआ करन लहरे के साथ, उन्होंने बचपन से चाहा अपने मामा कि तरह बनना और आज नेशनल कॉम्पिटीशन में गोल्ड मेडलिस्ट हैं।
आपने वेट लिफ्टिंग की शुरुआत कब से की?
बचपन से ही अपने मामाओं को देखते आया हूं वेट लिफ्टिंग करते। कॉमन वेल्थ गेम्स में देश का और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया दोनो ने। मै भी उनके जैसा बनना चाहता हूं। देश के लिए ओलंपिक से मेडल लाकर अपने मामाओं के अधूरे सपने को पूरा करूंगा। जब चौदह वर्ष का था तभी से अपने मामा से ट्रेनिंग लेना शुरू कर दिया था। और आज गोल्डमेडलिस्ट भी उन्हीं की कोचिंग में बना हूं।
आपने कितने चैम्पियनशिप में पार्टीसिपेट किया है।?
तकरीबन सभी तरह की बारह से ज्यादा चैम्पियनशिप में पाटीसिपेट कर चुका हूं। जिसमें चार स्टेट और तीन नेशनल भी शामिल हैं। इसके अलावा कई ट्रायल मैचेज रहे हैं।
आप बचपन से ही वेटलिफ्टर बनना चाहते थे?
जी हा बचपन से ही लेकिन जब छोटा था तब दोस्तों के साथ गली क्रिकेट बहुत खेलता था। लेकिन बनना मुझे वेट लिफ्टिंग ही था। जब आठवी में था तब से मामा से ट्रेनिंग लेना शुरू कर दिया था। उसके कुछ दिन बाद से ही कई सारे ट्रायल मैचों में पार्टीसिपेट करने लगा था और उसके कुछ दिन बाद ही स्टेट के लिए सलेक्शन हो गया था। जिसमें पहला स्टेट भिलाई में खेलने गया था जहां मैने गोल्ड जीता था। उसके बाद राजनंदगांव, दल्ली राजहरा रायपुर में स्टेट खेला और सभी में गोल्ड मिला मुझे। 2016 में नेशनल के लिए सलेक्शन हो गया जहां पहले ही चैङ्क्षपयनशिप में विनर रहा और गोल्ड मिला। उसके बाद 2017 में दूसरा नेशनल हैदराबाद में खेलने गया। जहां करियर में पहली बार सिल्वर मेडल मिला। उसके बाद अभी हाल ही में 12 फरवरी को विषाखापट्नम में हुए नेशनल चैंपियनशिप के क्लीन एंड जर्क और आवर आल चैंपियन दो कटेगरी में मुझे दो गोल्ड और स्नैच के लिए सिल्वर मिला है।
Published on:
26 Feb 2018 06:38 pm
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