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मुख्यमंत्री ने दी अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस की बधाई, दो लघु वृत्त चित्रों तथा 6 पुस्तकों का किया लोकार्पण

जैविक विविधता के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस प्रतिवर्ष 22 मई को मनाया जाता है। यह दिन दुनिया भर में जैव विविधता के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है जो हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है।

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रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को 22 मई अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस पर शुभकामनाएं दी और कहा कि हमारे जीवन के लिए पर्यावरण सहित जैव विविधता का संरक्षण अति आवश्यक है, इसे ध्यान में रखते हुए हमें जैव विविधता के संतुलन को बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए आगे आना होगा। इसका संरक्षण और संवर्धन हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने आज अपने निवास कार्यालय में अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अवसर पर आयोजित ‘परिचर्चा एवं पुरस्कार वितरण‘ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की जैव विविधता पर केन्द्रित दो लघु वृत्त चित्रों का लोकार्पण किया। उन्होंने मनेन्द्रगढ़ वनमण्डल द्वारा तैयार किए जा रहे मैरिन फॉसिल्स पार्क पर आधारित फिल्म ‘छत्तीसगढ़ में जीवन चिन्ह: मानव अस्तित्व के परे‘ तथा राज्य के वनक्षेत्रों में पाए जाने वाले शैल चित्रों (केव पेन्टिंग्स) पर आधारित फिल्म ‘प्रथम अभिव्यक्ति‘ का लोकार्पण किया।

इसके अलावा मुख्यमंत्री के विभिन्न लेखकों की 6 पुस्तकों का विमोचन किया। मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम में लेखक डॉ. शिवाजी चवन की पुस्तक ‘छत्तीसगढ़ स्टेट बायोडायवर्सिटी स्ट्रेटेजी एण्ड एक्शन प्लान 2022-30‘, भारतीय वन सेवा के अधिकारी श्री रामकृष्णा की गुरू घासीदास टाईगर रिजर्व में गुफा शैल चित्रों पर केन्द्रित पुस्तक ‘शेड्स ऑफ पास्ट‘, श्री गौरव निहलानी, श्री ज्ञानेन्द्र पाण्डेय, वसुन्धरा प्राकृतिक संरक्षण समिति की पुस्तक ‘छत्तीसगढ़ में ईको पर्यटन - संभावनाएं एवं चुनौतियां‘, श्री शैलेन्द्र उईके और भारतीय वन सेवा के श्री श्रीनिवास टी. की पुस्तक ‘अ फिल्ड गाईड टू फॉरेस्ट ग्रासेस ऑफ छत्तीसगढ़‘, डॉ. विवेक कुमार सिंघल तथा डॉ. हेमकांत चंद्रवंशी अंकित सेवा संस्थान की पुस्तक‘ बायोडायवर्सिटी इन छत्तीसगढ़्स स्वाईल‘ तथा ‘इनसेक्ट बायोडायवर्सिटी ऑफ छत्तीसगढ़‘ का विमोचन किया।

1993 में, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने जैव विविधता के मुद्दों की समझ और जागरूकता बढ़ाने के लिए 22 मई को अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के रूप में घोषित किया। इस दिन को विश्व जैव विविधता दिवस के रूप में भी जाना जाता है।