
भूपेश बघेल ने कहा- इमरान की क्या हैसियत है, वह अपना देश संभालें, देश के मुद्दे पर मोदी के साथ
रायपुर. नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की आग ने माहौल गरमा दिया है। सियासत चरम पर है। छात्रों में गुस्सा है। लोगों में डर है। करीब एक हफ्ते से जारी विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। सभी गैर भाजपा शासित राज्य भी इसका जमकर विरोध कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के मुखिया ने भी CAB, CAA का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि अगर NRC लागू होता है। तो उस पर हस्ताक्षर नहीं करने वालामै पहला व्यक्ति बनूंगा। उन्होंने गांधी जी के साउथ अफ्रीका में शुरू किये गए अग्रेजों के खिलाफ आंदोलन की तरह ही "काले अंग्रेजो" के खिलाफ आंदोलन करने की बात कही।
नागरिकता संसोधन विधेयक
पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से 31 दिसंबर, 2014 तक धार्मिक उत्पीड़न के चलते आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई और पारसी समुदाय के शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए यह संसोधित विधयेक लाया गया है। इसके अलावा इन तीन देशों से भारत आए मुस्लिमों या फिर अन्य विदेशियों को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
Published on:
18 Dec 2019 04:41 pm
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