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छत्तीसगढ़ के भूमिहीन परिवारों के खातों में कल 500 करोड़ भेजेंगे CM साय, 5 लाख परिवारों को मिलेगा लाभ…

CG News: दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत करीब 500 करोड़ रुपये सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे।

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छत्तीसगढ़ के भूमिहीन परिवारों के खातों में कल 500 करोड़ भेजेंगे CM साय, 5 लाख परिवारों को मिलेगा लाभ...(photo-patrika)

छत्तीसगढ़ के भूमिहीन परिवारों के खातों में कल 500 करोड़ भेजेंगे CM साय, 5 लाख परिवारों को मिलेगा लाभ...(photo-patrika)

CG News: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को प्रदेश के भूमिहीन परिवारों को बड़ी आर्थिक राहत देने जा रहे हैं। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत करीब 500 करोड़ रुपये सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे। इस पहल से राज्य के लगभग 5 लाख भूमिहीन परिवार लाभान्वित होंगे।

CG News: बलौदाबाजार में होगा मुख्य कार्यक्रम

इस योजना के तहत राशि वितरण का मुख्य कार्यक्रम बलौदाबाजार में आयोजित किया जाएगा, जहां मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित रहकर हितग्राहियों को राशि ट्रांसफर करेंगे। इस वर्ष की लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनिया परिवारों को भी शामिल किया गया है, जिससे समाज के विशेष रूप से कमजोर और वंचित वर्गों तक भी योजना का लाभ सुनिश्चित किया जा सके। यह पहल सामाजिक समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

पिछले वर्ष भी मिला था बड़ा लाभ

वर्ष 2025 में इस योजना के तहत 5,62,112 हितग्राहियों को प्रति परिवार 10,000 रुपये के हिसाब से कुल 562 करोड़ 11 लाख 20 हजार रुपये वितरित किए गए थे। यह पहल ग्रामीण गरीबों के लिए मजबूत आर्थिक सहारा साबित हो रही है। नियमित वित्तीय सहायता के चलते लाभार्थी परिवार अपनी दैनिक जरूरतों, शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों को बेहतर तरीके से पूरा कर पा रहे हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है।

10 हजार सालाना सहायता से मिलेगा सहारा

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना का उद्देश्य उन ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सहायता देना है, जिनकी आय का मुख्य स्रोत मजदूरी है। पहले इस योजना के तहत 7,000 रुपये सालाना दिए जाते थे, जिसे बढ़ाकर अब 10,000 रुपये प्रति वर्ष कर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि इन परिवारों को नियमित आर्थिक सहायता मिलती रहे, जिससे वे शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक जरूरतों को बिना किसी कर्ज के पूरा कर सकें।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) योजनाएं न केवल गरीब परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देती हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करती हैं। समय पर मिलने वाली सहायता से लाभार्थियों की जीवनशैली में सुधार आता है और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ते हैं।