19 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जल संकट के बीच निगम की कार्रवाई, 750 फ्लैटों में काटे कनेक्शन, रहवासी बोले- ये कैसा न्याय?

Raipur Nagar Nigam: बुधवार को टैक्स वसूली के लिए टीम कबीर नगर स्थित अविनाश आशियाना (750 फ्लैट अपार्टमेंट) पहुंची और बकाया संपत्ति कर के नाम पर नल कनेक्शन काट दिए।

1 minute read
Google source verification
जल संकट के बीच निगम की कार्रवाई, 750 फ्लैटों में काटे कनेक्शन, रहवासी बोले- ये कैसा न्याय?(photo-patrika)

जल संकट के बीच निगम की कार्रवाई, 750 फ्लैटों में काटे कनेक्शन, रहवासी बोले- ये कैसा न्याय?(photo-patrika)

Raipur Nagar Nigam: छत्तीसगढ़ के रायपुर नगर निगम की जोन-8 राजस्व टीम की कार्रवाई इन दिनों चर्चा में है। बुधवार को टैक्स वसूली के लिए टीम कबीर नगर स्थित अविनाश आशियाना (750 फ्लैट अपार्टमेंट) पहुंची और बकाया संपत्ति कर के नाम पर नल कनेक्शन काट दिए।

निगम रिकॉर्ड के मुताबिक इस रिहायशी कॉम्प्लेक्स पर 9 लाख 95 हजार रुपये से अधिक का संपत्ति कर बकाया है। कई नोटिस जारी होने के बाद भी भुगतान नहीं होने पर आयुक्त के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। हालांकि मौके पर स्थिति कुछ अलग ही नजर आई। रहवासियों का कहना है कि पिछले कई महीनों से फ्लैटों में पानी की आपूर्ति बंद है। ऐसे में “सूखे नल” का कनेक्शन काटना केवल कागजी कार्रवाई जैसा प्रतीत होता है।

Raipur Nagar Nigam: रहवासियों में नाराजगी

स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया कि जब पानी आ ही नहीं रहा था, तो कनेक्शन काटने की कार्रवाई का औचित्य क्या है? उनका आरोप है कि निगम पहले जल आपूर्ति सुचारु करे, उसके बाद वसूली की सख्ती दिखाए। कई निवासियों ने इसे “फाइलों का पेट भरने” वाली कार्रवाई बताया।

दस्तावेजों में कार्रवाई पूरी

जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल और सहायक राजस्व अधिकारी महादेव रक्सेल के निर्देश पर यह कदम उठाया गया। निगम के दस्तावेजों में बकायेदारों पर सख्त कार्रवाई दर्ज हो चुकी है, लेकिन जमीनी हकीकत में जल संकट जस का तस बना हुआ है।

अन्य बकायेदारों को चेतावनी

राजस्व टीम ने क्षेत्र के अन्य बड़े बकायेदारों- पार्थिवी प्रोविंस (सरोना), कृष्णा पब्लिक स्कूल और शिवम स्कूल- को भी अंतिम चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में बकाया कर जमा नहीं होने पर अगली कार्रवाई के तहत भवन सील किए जा सकते हैं। नगर निगम की इस कार्रवाई ने कर वसूली के तरीकों और मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।