
चुनाव। (फोटो- newsonair.gov.in)
Rajya Sabha Election 2026: छत्तीसगढ़ के कोटे की दो राज्यसभा सीट पर 16 मार्च को चुनाव होगा। वर्तमान में दोनों सीट कांग्रेस के खाते में हैं, लेकिन जब चुनाव होगा तो भाजपा और कांग्रेस के खाते में एक-एक सीट जाएगी। दरअसल, पिछली बार जब राज्यसभा सीट के लिए चुनाव हुआ था तो भाजपा विधायकों की संख्या बहुत कम थी। इस वजह से दोनों सीट कांग्रेस के खाते में चली गई। वर्तमान में विधानसभा में भाजपा के 54 और कांग्रेस के 35 सदस्य हैं। एक सदस्य गोंडवाना गणतंत्र पार्टी का है।
नियम के अनुसार रिक्त सीटों की संख्या में एक जोड़कर विधायकों की संख्या से विभाजन किया जाता है। आए नतीजों में फिर एक जोड़कर न्यूनतम वोटरों की संख्या तक की जाती है। इसे छत्तीसगढ़ के 90 विधानसभा सदस्य के हिसाब से समझे तो 2 राज्यसभा सीट में 1 जोड़ने पर 3 संख्या प्राप्त होती है। अब विधायकों की कुल संख्या यानी 90 में 3 से भाग देने पर भागफल 30 आएगा। इसमें फिर 1 जोडऩे पर 31 होगा यानी प्रत्याशी को जीत के लिए कम से कम 31 विधायकों का समर्थन चाहिए।
राज्यसभा में छत्तीसगढ़ के कोटे की 5 में से 2 सीट 9 अप्रैल 2026 को रिक्त हो जाएगी। इनमें फूलो देवी नेताम और केटीएस तुलसी की सीट शामिल हैं। इनमें से एक सीट कांग्रेस और एक सीट भाजपा के खाते में जाना तय है। इस लिहाज से कांग्रेस-भाजपा में अभी से सरगर्मी शुरू हो गई है। कांग्रेस अपनी रिक्त होने वाली एक सीट पर किसी आदिवासी को मौका देने का मन बना रही है। यही वजह है कि अभी से बस्तर और सरगुजा के आदिवासी नेता सक्रिय हो गए हैं। वहीं भाजपा की नीति व रीतियों की वजह से दावेदार खामोश हैं, लेकिन अंदरूनी खाने में हलचल शुरू हो गई है। चर्चा के मुताबिक भाजपा आदिवासी या फिर ओबीसी पर अपना दांव खेल सकती है।
अप्रैल 2026 में राज्यसभा की सीट खाली हो रही है। यहां दावेदारों के लिए एक अच्छा मौका हो सकता, लेकिन किसी कारण से दावेदार चूक जाते हैं, तो उन्हें जून 2028 तक का इंतजार करना होगा। 29 जून 2028 को राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन की सीट रिक्त होगी।
Updated on:
19 Feb 2026 08:33 am
Published on:
19 Feb 2026 08:33 am
