
साइबर ठगी ऐसी भी-वाट्सएप के डीपी में एमडी का फोटो लगाकर वाइस प्रेसीडेंट से ठग लिए 5.50 लाख, बचने के लिए करें डीपी लॉक
रायपुर
एक ऐसी साइबर ठगी भी सामने आई है, जिसमें ठगों ने इस्पात कंपनी के एमडी का फोटो वाट्सएप की डीपी में लगाकर उसी कंपनी के वाइस प्रेसीडेंट से साढ़े 5 लाख रुपए ठग लिए। पूरी बातचीत वाट्सएप मैसेज पर ही हुई है। रकम खत्म होने के बाद पीडि़त को शक हुआ, तो उन्होंने कंपनी के एमडी से मिलकर चर्चा की। इसके बाद ही ठगी का खुलासा हुआ। इसके बाद थाने में शिकायत की गई। पुलिस ने अज्ञात ठग के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है। आमतौर पर ऐसी ऑनलाइन ठगी उन्हीं लोगों के साथ होती है, जो सोशल मीडिया एकाउंट में अपने डीपी को लॉक नहीं करते हैं।पुलिस के मुताबिक वंदना ग्लोबल लिमिटेड सिलतरा के वाइस प्रेसीडेंट गोविंद कुमार अग्रवाल के पास 15 जुलाई को एक वाट्सएप कॉल आया। काॅल करने वाले के वाट्सएप डीपी में कंपनी के एमडी गोपाल प्रसाद अग्रवाल की फोटो लगी थी। वाट्सएप कॉल करने वाले ने गोविंद से कहा कि मैँ एक जरूरी मीटिंग में हूं। वाट्सएप मैसेज में बात करो। इसके बाद गोविंद ने वॉटसएप कॉलर से मैसेज के जरिए बातचीत शुरू की। कॉल करने वाले ने उनसे मैसेज के जरिए कारोबार के सिलसिले में अमेजान ई-वाउचर का लिंक भेजा और उनसे पांच बार में 5 लाख 50 हजार रुपए दूसरी जगह ट्रांसफर करवाया। कुछ देर बाद कथित एमडी ने फिर मैसेज किया और 1 लाख की मांग की। इस बार गोविंद ने राशि खत्म हो जाने की जानकारी दी, तो उसने दूसरे से इंतजाम करके भेजने के लिए कहा। इससे गोविंद को शक हुआ। इसके बाद उन्होंने एमडी गोपाल अग्रवाल से संपर्क किया और वाट्सएप मैसेज के जरिए पैसा मंगाने की चर्चा की। एमडी अग्रवाल ने इससे इनकार कर दिया और बताया कि उन्होंने किसी तरह का मैसेज नहीें भेजा था। इसके बाद गोविंद का ऑनलाइन ठगी होने का एहसास हुआ। उन्होंने मोवा थाने में मामले की शिकायत की। पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।
अब वाट्सएप का करने लगे इस्तेमाल
वाट्सएप डीपी में किसी परिचित का फोटो लगाकर ऑनलाइन ठगी करने का यह पहला मामला है। इससे पहले फेसबुक के जरिए इसी तरह की ठगी की जाती थी। इसमें भी किसी परिचित के नाम से फेक फेसबुक आईडी बनाकर फ्रेंडलिस्ट में शामिल लोगों को मैसेज भेजकर रकम की मांग की जाती थी। कभी खुद को बीमार , दुर्घटना या अस्पताल में भर्ती बताकर मदद मांगी जाती थी। कई लोग इस तरीके से ठगी के शिकार भी हुए हैं।डीपी से उठा लेते हैं फोटो
वाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, तेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया में लोग डीपी में अक्सर अपनी फोटो लगाते हैं, लेकिन उसे लॉक नहीं करते हैं। इस कारण साइबर ठगी करने वाले ऐसे लोगों के डीपी से उनके फोटो निकालकर नई आईडी बना लेते हैं या फिर वाट्सएप की डीपी में इस्तेमाल करके उनके परिचित के लोगों को ठगते हैं।
Published on:
18 Jul 2022 11:27 pm
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