
चुनाव और किसान आंदोलन का असर: छत्तीसगढ़ में पेट्रोल और डीजल के कीमत में आई गिरावट
रायपुर. केन्द्र और राज्य सरकार ने आखिरकर लगातार बढ़ रहे पेट्रोल और डीजल के दामों पर रोक लगाने का निर्णय ले लिया है।
तेल की बढ़ती कीमतों पर चारों ओर से घिरी मोदी सरकार को आखिर राहत देने को मजबूर होना पड़ा। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में 2.50 रुपए कम की घोषणा की। वित्तमंत्री ने राज्यों से भी इतनी ही कटौती की गुजारिश की ताकि ग्राहकों को 5 रुपए की राहत मिले। इसके कुछ घंटों बाद ही जम्मू-कश्मीर के साथ 13 भाजपाशासित राज्यों ने तेल के दाम में कटौती की घोषणा कर दी।
इससे पहले जेटली ने कहा, अंतरमंत्रालयी बैठक में उत्पाद शुल्क 1.50 रुपए घटाया जाएगा। वहीं, तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल के दाम एक रुपया घटाएंगी। वित्तमंत्री ने कहा कि कटौती से एक्साइज रेवेन्यू में इस साल 10,500 रुपए का प्रभाव पड़ेगा। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के अनुसार भाजपा शासित सभी राज्यों ने पेट्रोल-डीजल पर वैट में 2.5 रुपए प्रति लीटर कटौती का फैसला किया है। सरकार के इस ऐलान को कांग्रेस ने चुनावी करार दिया है। वित्तमंत्री के ऐलान के तुरंत बाद कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि ये फैसला तीन राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए किया गया है।
इन राज्यों में कटौती
रात 10:00 बजे तक महाराष्ट्र, त्रिपुरा, झारखंड, गुजरात, असम, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, यूपी, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, हिमाचल, गोवा, अरुणाचल प्रदेश और उत्तराखंड ने 2.5 रुपए वैट कम कर दिया।
इधर, कर्नाटक और केरल ने वित्तमंत्री की बात मानने से इनकार करते हुए अपने यहां टैक्स कम करने से इनकार कर दिया है। गौरतलब है कि राजस्थान, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश पिछले महीने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी कर चुके हैं। राजस्थान ने पेट्रोल-डीजल पर 4 फीसदी वैट घटाया था। अब केंद्र की ओर कटौती के बाद राज्य में पेट्रोल की दरों में प्रति लीटर 65 पैसे और डीजल में 45 पैसे प्रति लीटर की कमी स्वत: ही हो गई। इससे राज्य के खजाने पर करीब 500 करोड़ रुपए सालाना का भार आएगा।
इतनी देर क्यों? : नवंबर 2014 से जनवरी, 2016 के बीच उत्पाद कर में 9 बार बढ़ोतरी हुई। अक्टूबर, 2017 में सिर्फ एक बार इसे घटाया गया। इसका कारण है इससे मिलने वाला राजस्व। इसी कारण पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के बाहर रखने का आरोप लगता रहा है। 2014-15 में पेट्रोलियम क्षेत्र से 3,32,620 करोड़ रुपए का राजस्व मिला, 2016-17 में यह बढक़र 5,24,304 करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 2017-18 के पहले छह महीनों में ही यह 3,81,803 करोड़ रुपए पहुंच गया।
अचानक क्यों बदला मन : विशेषज्ञों के अनुसार टैक्स घटाने का प्रमुख कारण है बढ़ते तेल के दाम की वजह से बढ़ती महंगाई और लोगों में बढ़ता गुस्सा।
प्रदेश में पेट्रोल 2.62, डीजल पर 2.57 रुपए प्रति लीटर की राहत
पत्रिका ब्यूरो ञ्च रायपुर. केंद्र सरकार की राज्यों से अपील और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की घोषणा के बाद छत्तीसगढ़ में वाणिज्यिक कर विभाग ने 4 फीसदी वैट (वैल्यू एडेड टैक्स) कम कर दिया है। इस निर्णय से पेट्रोल में 2.62 रुपए और डीजल में 2.57 रुपए प्रति लीटर की राहत मिलेगी। वाणिज्यिक कर विभाग की विशेष सचिव संगीता पी. ने गुरुवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है, जोकि 5 अक्टूबर से प्रभावित हो जाएगी। राज्य सरकार ने यह छूट 31 मार्च 2019 तक के लिए दी है। गुरुवार को प्रदेश में पेट्रोल की कीमत 84.15 रुपए और डीजल की कीमत 81.21 रुपए प्रति लीटर थी।
1 डॉलर = 73.58 रुपए (+24 पैसे)
यह दी सफाई : वित्तमंत्री जेटली ने कहा कि अमरीका ने ब्याज दर बढ़ाई है जिसका बाजार पर असर पड़ा है। बाजार और मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव है। कई कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं। हमने इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेस (आइएल एंड एफएस) के बोर्ड को बदल दिया है। आयात पर अंकुश के लिए भी कई कदम उठाए हैं। महंगाई नियंत्रण में है और 4 प्रतिशत से कम पर बनी हुई है। पिछली तिमाही में जीडीपी 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी है।
बाजार आहत: तेल कंपनियों के शेयर धड़ाम
राहत के इस ऐलान के बाद भी बाजार नहीं संभला और भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। तेल कंपनियों में गिरावट के साथ सेंसेक्स 806.47 अंक टूटकर 35,169.16 के स्तर पर बंद हुआ। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के शेयर 10.57 फीसदी, भारत पेट्रोलियम 10.89 फीसदी और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के
शेयर 12.23 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुए।
कच्चे तेल के आयात से आर्थिक संकट : गडकरी
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, कच्चे तेल के बहुत ज्यादा आयात की वजह से देश को काफी ‘आर्थिक संकट’ का सामना करना पड़ रहा है। हमें कच्चे तेल का आयात घटाने की जरूरत है। रसायन उद्योग को कच्चे तेल का आयात घटाने के लिए हल खोजना होगा। गडकरी के इस बयान को भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट किया है।
Published on:
05 Oct 2018 08:45 am
