
फिरतीन
Chhattisgarh News: कोरदा। जिले से 25 किमी दूर पर बसे ग्राम पंचायत चिचिरदा में अपने दोनों पैरों से विकलांग 50 वर्षीय फिरतीन यादव अपने हाथों को ताकत बनाकर चलने पर मजबूर है। शासन-प्रशासन की योजना के तहत एक हाथ साइकिल एवं एक बैटरी चलित ट्राइसिकल का लाभ मिल चुका है। लेकिन समय के साथ-साथ दोनों ट्राइसिकल जर्जर होकर खराब हो गए हैं।
दिव्यांग होने के चलते अपने दोनों हाथ में चप्पल का सहारा लेकर कीचड़ भरे मार्ग पर चलने को मजबूूर हो गई है। दिव्यांग फिरतीन ने इस संवाददाता को बताया कि उसे पहले हाथ से चलाने वाला ट्राइसिकल मिला था, जो पूरी तरह से खराब हो गया है। चलने लायक नहीं बचा है। दूसरी (CG Hindi News) बार बैटरी चलित ट्राइसिकल मिला था वह भी समय के हिसाब से खराब पड़ा हुआ है। उसे शासन की योजना के तहत 35 किलो चावल और पेंशन मिलता है।
उन्होंने बताया कि उनका जीवन बहुत ही संघर्ष भरा है। वह दो चप्पलों को अपने दोनो हाथों पर रखकर हाथ के सहारे चलने पर मजबूर हो रही है। वर्तमान में उनकी जिन्दगी नर्क के समान हो गई है। कहीं कुछ काम के लिए जरूरत होने पर कीचड़ भरे मार्ग से होकर जाना पड़ता है। उनका कहना है कि शासन की योजना के तहत उसे एक बार और बैटरी चलित ट्राइसिकल मिल जाये तो उनको दैनिक जीवन जीने में आसानी होगी।
इनका कहना है
शासन की योजना के तहत फिरतीन यादव को 35 किलो चावल और पेंशन मिलता है। उसके पास ट्राइसिकल था। शायद वह खराब हो गया होगा। उसको पुन: ट्राईसिकल का लाभ दिलाने के लिए प्रयास किया जाएगा। - रामलाल पैकरा, सरपंच, ग्राम पंचायत चिचिरदा
Published on:
05 Aug 2023 03:39 pm
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