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पहले हम पिता के साथ रहते थे और आज कहते हैं कि पिता हमारे साथ रहते हैं…

Raipur Kavi Sammelan: समता कॉलोनी का मैक ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा। मौका था अखिल भारतीय युवा अग्रवाल सम्मेलन के कवि सम्मेलन का।

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Earlier we lived with the Father and today we say that the Father lives with us...

कवि सम्मेलन

Chhattisgarh News: रायपुर। शनिवार की शाम समता कॉलोनी का मैक ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा। अखिल भारतीय युवा अग्रवाल सम्मेलन के कवि सम्मेलन का मौका था। बाहर तपिश थी लेकिन ऑडिटोरियम में हास्य-व्यंग्य की बारिश हो रही थी।

पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा ने खत्म होते पारिवारिक रिश्तों पर जमकर प्रहार किया। बोले- पहले दीवारों में दरारें होती थीं पर अब दरारों ने दीवारें खड़ी कर दी हैं। पहले हम पिता के साथ रहते थे और आज कहते हैं कि पिता हमारे साथ रहते हैं।

आगे कहा कि पहले एक कमरे में माता-पिता, बहन दो भाइयों के रहने के बाद भी मेहमान का इंतजार किया जाता था और आज बंगले होने पर भी कोई नहीं चाहता कि उसके यहां कोई आए। पिता पुत्र के रिश्तों को बांधते हुए कहा कि (raipur news) दोनों के हाथ दो बार ही मिलने चाहिए। एक जब बच्चा चल सकता है और दूसरा जब पिता बुजुर्ग हो जाए और बेटा उसका हाथ थामे।

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गौरी मिश्रा ने सुरेंद्र शर्मा पर कटाक्ष किया

ऊपर से इनको देखो तो काशी काबा लगते हैं और जरा फुर्सत से देखो देशी ढाबा लगते हैं इनके ऐसे हाव भाव पे जब मैं चिंतन करती हूं मुझको गच्चे देने वाले झूठे बाबा लगते हैं।

रायपुर के मन झकास हे...

पद्मश्री सुरेंद्र दुबे हास्य के ऐसे गोले फेंके के हर व्यक्ति खिलखिला उठा। बोले- रायपुर के एक बात बहुत खास हे, यहां के आदमी एकदम (Kavi sammelan) झकास हे। सिगरेट हाथ में लेके माचिस मांगने वाला बहुत देखेंव, माचिस रखके सिगरेट मांगथे, ये बात बहुत खास हे। एकरसेती रायपुर के आदमी झकास हे।

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देश में मंदिर नहीं, पूरे देश को मंदिर बना दो

सुरेंद्र शर्मा ने व्यक्ति की सोच और विजन पर कहा- बड़े पद पर बैठकर छोटी सोच नहीं रखनी चाहिए। विजन हमेशा बड़ा रखो। राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए बोले- राजा का काम दलितों संग बैठकर खाना नहीं होता, बल्कि उसके लिए अपने जैसा भोजन उपलब्ध कराना होता है। मंदिर की राजनीति पर व्यंग्य बाण छोड़ेते हुए कहा- देश में मंदिर नहीं बल्कि पूरे देश को मंदिर बना दो। मंदिर में करोड़ों रुपए दान देने की जरूरत नहीं, बल्कि उस पैसों को (cg news) ऐसी जगह लगाओ जहां 100 लोगों का घर चल सके। यह काम 100 मंदिर बनाने से भी बड़ा है।

मुन्ना बैटरी ने कॉन्फिडेंस का उदाहरण दिया

अनुभव अपनी जगह है और कॉन्फिडेंस अपनी जगह। हमारे यहां तो लोगों का कॉन्फिडेंस बड़ा तगड़ा है। हमारे यहां लोग छतरी सेट करने छत पर चढ़ते हैं और पड़ोसन सेट कर नीचे उतर जाते हैं।

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