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Election 2024: छत्तीसगढ़ की ऐसी सीट जहां जीतने वाला अगला चुनाव लड़ने से घबराता है

Lok Sabha Election 2024: कांकेर लोकसभा संसदीय सीट पर पहली बार भारतीय जनसंघ के त्रिलोकशाह लाल प्रियेन्द्र शाह सांसद बने, 1971 में अरविंद नेताम और 1977 में जनता पार्टी के अघन सिंह ठाकुर को जीत मिली। 2019 में भाजपा के मोहन मंडावी ने कांग्रेस के बिरेश ठाकुर को पराजित किया।

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CEO in-charge of Saunsar District Panchayat suspended

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Balod News: छत्तीसगढ़ की 11 लोक सभा क्षेत्रों में कांकेर ऐसी सीट है जहां चुनाव हमेशा ही दिलचस्प होता है। इसका कारण है यहां के प्रत्याशी और जनता का मूड। कांकेर सीट में केवल दो नेताओं ने एक से अधिक बार जीत दर्ज की है, जबकि अन्य प्रत्याशियों को कभी भी जनता ने दोबारा मौका नहीं दिया। कांकेर लोकसभा सीट में अब तक हुए सभी लोकसभा चुनावों (Lok sabha election) में भाजपा व कांग्रेस पार्टी के बीच ही चुनावी टक्कर रही है। कांकेर लोकसभा (Kanker Loksabha) संसदीय सीट पर पहली बार साल 1967 में चुनाव हुआ, जिसमें भारतीय जनसंघ के त्रिलोकशाह लाल प्रियेन्द्र शाह सांसद बने। 1971 में अरविंद नेताम और 1977 में जनता पार्टी के अघन सिंह ठाकुर को जीत मिली। 2019 में भाजपा के मोहन मंडावी ने कांग्रेस के बिरेश ठाकुर को पराजित किया। वहीं 2024 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी भोजराज नाग और कांग्रेस के बिरेश ठाकुर इस बार आमने-सामने होंगे।

आदिवासी बहुल कांकेर लोकसभा सीट पर हमेशा मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस (Congress) के बीच ही रहा। यहां सर्वाधिक बार चुनाव जीतने का रिकॉर्ड कांग्रेस के अरविंद नेताम के नाम रहा। उन्होंने 1971, 1980, 1984, 1989 और 1991 में चुनाव जीतकर देश की महापंचायत संसद में कांकेर लोकसभा संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के तौर पर भी देश की सेवा की।


साल 1998 में कांकेर जिला के गठन के बाद हुए चुनाव के बाद हुए लोकसभा चुनावों में कांकेर संसदीय सीट पर कांग्रेस का खाता ही नहीं खुल पाया। यहां 19996 में कांग्रेस के छबीला नेताम कांग्रेस के आखिरी सांसद रहे। उसके बाद 1998 से लेकर 2014 तक लगातार 4 बार सोहन पोटाई को कांकेर के मतदाताओं (Voters) का साथ मिला और वे सांसद रहे। 2014 में हुए चुनाव में विक्रम उसेंडी और 2019 में मोहन मंडावी को जीत मिली।

कांकेर लोकसभा सीट में 8 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। इनमें कांकेर व बालोद जिले के तीन-तीन विधानसभा, धमतरी से एक व कोंडागांव जिले की एक विधानसभा शामिल है। कांकेर, अंतागढ़, केशकाल, सिहावा, संजारी बालोद, डौंडीलोहारा, गुंडरदेही और भानुप्रतापपुर को मिलाकर कांकेर लोकसभा का निर्माण किया गया।

जब से कांकेर संसदीय सीट के लिए लोकसभा चुनाव (Lok sabha election 2024) हो रहा है, तब से अभी तक भाजपा व कांग्रेस (Bhajpa and Congress) ने कांकेर जिले के पार्टी के कार्यकर्ताओं को ही प्रत्याशी बनाया है। बालोद क्षेत्र से अभी तक एक भी प्रत्याशी नहीं बना। इस साल पूर्व महिला बाल विकास मंत्री अनीला भेडिय़ा का नाम कांग्रेस की ओर से सांसद प्रत्याशी के लिए काफी सुर्खियों में रहा। हालांकि वह प्रत्याशी नहीं बन पाईं। काफी विचार के बाद 2019 का चुनाव बेहद कम अंतर से हारने वाले बिरेश ठाकुर को प्रत्याशी बनाया गया।

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