
बिजली उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर (पत्रिका फाइल फोटो)
Electricity e-KYC: रायपुर@दिनेश कुमार। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी प्रदेशभर में अवैध बिजली कनेक्शनों पर शिकंजा कसने और पहचान करने के लिए सभी उपभोक्ताओं की केवाईसी शुरू कर दी है। 1 सितंबर से सभी उपभोक्ताओं के लिए ई केवाईसी की शुरुआत की जा चुकी है। सभी उपभोक्ताओं के स्मार्टमीटर या सामान्य मीटर को आधार से जोड़ा जाएगा। शुरुआत में मोर बिजली ऐप के माध्यम से ई केवाईसी की शुरुआत की गई है। मोर बिजली ऐप पर उपभोक्ता जाकर वीडियो केवाईसी के माध्यम फेस रीडिंग और आधार से कनेक्ट मोबाइल नंबर में ओटीपी के माध्यम से प्रक्रिया को पूरी कर सकता है।
7 सितंबर से ई केवाईसी कराने की सुविधा सभी जोन कार्यालयों में उपलब्ध कराई जाएगी, जहां पर उपभोक्ता अपने थंब इंप्रेशन और ओटीपी के माध्यम ई केवाईसी करा सकेगा। बाद में कर्मचारी घर-घर जाकर भी ई केवाईसी करेंगे। फेस रीडिंग या थंब रीडिंग और आधार नंबर पर ओटीपी भेजकर स्मार्ट मीटर की ई केवाईसी करा सकेंगे।
सीएसपीडीसीएल स्मार्ट मीटर की ई केवाईसी करने से अवैध रूप से बिजली उपभोग करने वालों का पता चलेगा। ऐसे उपभोक्ताओं की जानकारी मिलेगी, जो अब तक दूसरे के नाम से स्मार्ट मीटर का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि, बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ऐसे उपभोक्ताओं को बिजली कनेक्शन में नाम परिवर्तन के लिए पर्याप्त मौका दिया जाएगा।
स्मार्ट मीटर ई केवाईसी- इससे उपभोक्ता का 12 अंकों का आधार नंबर के डेटाबेस से मिलाया जाता है। इससे उपभोक्ता का बिजली खाता (सीए नंबर) सत्यापित आधार से जुड़ जाएगा। बिजली किसी कागजी दस्तावेज से।
सभी उपभोक्ताओं को अपना आधार अपने सीए नंबर से लिंक करना अनिवार्य है। इससे बिजली चोरी रुकेगी और सब्सिडी के पात्र बीपीएल उपभोक्ताओं के खाते सीधे डीबीटी के माध्यम से बैंक खाते में मिलेगी। केवाईसी करने आए कर्मचारी का सीएसपीडीसीएल आईडी जांच के बाद ही अपनी जानकारी उपभोक्ता उसे सौंपे।
यह प्रक्रिया पूरी तरह निशुल्क रहेगी। यदि कोई कर्मचारी शुल्क मांगता है, तो उपभोक्ता की शिकायत पर सीएसपीडीसीएल द्वारा कार्रवाई का प्रावधान। कोई शुल्क मांगने पर उपभोक्ता 1912 नंबर पर रिपोर्ट करें।
आधार लिंक होने के बाद उपभोक्ता का डाटा सीएसपीडीसीएल के पास पहुंच जाएगा। ऐसे में सीएसपीडीसीएल के पास डाटा सुरक्षित रखने की चुनौती रहेगी। साथ ही सीएसपीडीसीएल को भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) से इसके लिए अनुमति भी लेनी होगी।
Updated on:
2 Sep 2026, 4:04 PM IST
Published on:
2 Sep 2026, 4:04 PM IST
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