
रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़ाए ईएनटी सर्जन हुए बर्खास्त (Photo Patrika)
CG News: एसीबी के हाथों रिश्वत लेते पकड़ाए जिला अस्पताल के ईएनटी सर्जन डॉ. एम. ए. नसीम को शासन ने बर्खास्त कर दिया है। 11 साल पुराने मामले में शासन ने ये कार्रवाई की है। वहीं सीएमएचओ कार्यालय की कर्मचारी मधु तिवारी की सेवा समाप्त कर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की अवर सचिव दिव्या वैष्णव ने बर्खास्तगी का आदेश जारी किया है। 2014 में तब डॉ. नसीम प्रभारी जिला मलेरिया अधिकारी धमतरी थे। तभी किसी मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था।
हाईकोर्ट ने नहीं किया दोषमुक्त
हाईकोर्ट ने डॉ. नसीम को दोष मुक्त नहीं किया। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने बर्खास्तगी की कार्रवाई की है। सामान्यत: स्वास्थ्य या चिकित्सा शिक्षा विभाग में किसी डॉक्टर की बर्खास्तगी का केस रेयर है। चूंकि डॉ. नसीम क्लास वन डॉक्टर हैं इसलिए शासन ने उन्हें बर्खास्त किया है। ज्यादातर मामलों में सस्पेंड किया जाता है। 6 से एक साल या इससे कुछ ज्यादा समय के बाद बहाली भी हो जाती है। विभागीय जांच चलती रहती है। बाद में इस मामले का पटाक्षेप भी हो जाता है।
Updated on:
16 Jul 2025 10:57 am
Published on:
16 Jul 2025 10:57 am
