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महंगाई में भी नहीं मिल रही न्यूनतम मजदूरी, श्रमिक संघ ने कहा- शिकायत पर भी नहीं होती सुनवाई…

CG News: संघ के सरंक्षक शंकर सिंह निर्मलकर ने जारी बयान में कहा चार नए श्रम कानून श्रमिकों की भलाई के लिए कम, उद्योगपतियों और व्यापारियों के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित होगा।

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छत्तीसगढ़ सीमेंट एवं खदान कल्याणकारी श्रमिक संघ ने जताई आपत्ति(photo-patrika)

छत्तीसगढ़ सीमेंट एवं खदान कल्याणकारी श्रमिक संघ ने जताई आपत्ति(photo-patrika)

CG News: छत्तीसगढ़ सीमेंट एवं खदान कल्याणकारी श्रमिक संघ ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए श्रम कानून पर आपत्ति दर्ज की है। संघ के सरंक्षक शंकर सिंह निर्मलकर ने जारी बयान में कहा चार नए श्रम कानून श्रमिकों की भलाई के लिए कम, उद्योगपतियों और व्यापारियों के लिए ज्यादा फायदेमंद साबित होगा। क्योंकि इस महंगाई के दौर में ठेका श्रमिकों को मिलने वाली न्यूनतम मजदूरी दर को भी अधिकांश औद्योगिक संस्थान नहीं देते हैं और श्रम अधिकारियों द्वारा भी श्रमिकों की शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं करते।

राजधानी रायपुर से 35 किमी दूरी पर तीन सौ से अधिक छोटे बड़े उद्योग हैं जहां अधिकांश उद्योगों में श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी दर भी नहीं दी जाती। श्रम अधिकारी निरीक्षण भी नहीं करते, ऐसे स्थिति में नए श्रम कानून को सरकार कैसे लागू कराएगी।

CG News: नियम लागू है पालन नहीं कराया जाता

छत्तीसगढ़ सीमेंट एवं खदान कल्याणकारी श्रमिक संघ के अनुसार ठेका श्रमिक उन्मूलन अधिनियम 1970 के अंतर्गत समान काम, समान वेतन नियम लागू है, लेकिन नए श्रम कानून के अनुसार कंपनियां लागत कम करने के लिए श्रमिकों को अस्थाई रूप से नियुक्त कर सकती हैं। इससे उनकी नौकरी की सुरक्षा कम होगी। हर कंपनी अस्थाई श्रमिकों को नियोजित करेगी, ताकि वेतन के साथ भत्ते नहीं देना पड़े।

ऐसे में 8 घंटे से अधिक समय तक श्रमिकों को काम करना पड़ सकता है। केन्द्र सरकार द्वारा, 26 सितंबर 2024 को अधिसूचना जारी कर परिवर्तनशील महंगाई भत्ते (वीडीए) में संशोधन किया गया है, लेकिन यह लाभ देश के 5त्न श्रमिकों को ही मिल रहा है। ठीक इसी प्रकार इस चार नए श्रम कानून का लाभ भी 5त्न श्रमिकों को ही मिलेगा।