
Eye Flu (conjunctivitis) : आई फ्लू के मरीज 19000 पार, CM ने ली इमरजेंसी मीटिंग, रोकथाम के लिए बनाई खास योजना
Eye flu (conjunctivitis) News : छत्तीसगढ़ में आई फ्लू (कंजक्टिवाइटिस) कहर मचा आ रहा है। बीते एक हफ्ते की बात करें तो सिर्फ सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या 19 हजार के पार चली गई है। ये बात सीएम भूपेश बघेल द्वारा शुक्रवार को बुलाई गई उच्च स्तरीय बैठक में सामने आई है। प्राइवेट अस्पतालों में आने वाले मामलों को भी शामिल करें तो आंकड़ा तीन गुना यानी 57 हजार से ज्यादा हो सकता है। हालांकि राहत यह है कि इसके 70% मरीज 3 दिन में ठीक हो रहे हैं। हालांकि, सीएम ने इसके बाद भी बीमारी की रोकथाम पर जोर दिया। उन्होंने कहा, इस पर कंट्रोल किया जा सकता है।
लोगों को शिक्षित और जागरूक करने की जरूरत है। ऐसे में जितना ज्यादा हो सके, सुरक्षा उपायों को लोगों तक पहुंचाए जाएं। बैठक में डिप्टी सीएम टी.एस. सिंहदेव सहित आला अधिकारी मौजूद थे। दूसरी ओर बस्तर जिले में आई फ्लू के फैलाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने स्कूलों में शिविर लगाना शुरू कर दिया है। इन शिविरों में 4250 बच्चों की जांच की गई जिसमें 1757 में आईफ्लू की पुष्टि हुई।
बचाव के उपाय
- भीड़ भरी जगह से दूर रहें। हाथ मिलाने-गले मिलने से बचें। अगर ऐसा कर चुके हैं तो हाथों को सैनिटाइज करें।
- गोल्डन रूल यही है कि आंखों को हाथ लगाने से बचें।
- अगर आंखों में खुजली हो रही है तो सबसे पहले हाथों को अच्छी तरह सैनिटाइज करें। इसके बाद ही आंखों को छुएं।
- आई फ्लू हो चुका है तो काले चश्मे पहनें।
- आंखों से अगर धुंधला दिख रहा है, आंखें खुल नहीं रहीं हैं या 3 दिन ड्रॉप डालने के बाद भी ठीक न हों तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
सरकारी अस्पताल जाने वाले मरीजों का जिलेवार आंकड़ा
दुर्ग : 3746
रायपुर : 3666
बलौदाबाजार : 1563
जशपुर : 1540
बिलासपुर : 1200
बालोद : 1166
बस्तर : 1165
मुंगेली : 1015
नांदगांव : 580
धमतरी : 541
कवर्धा : 507
महासमुंद : 380
बेमेतरा : 175
नारायणपुर : 122
कोंडागांव : 110
कोरबा : 105
सक्ती : 95
बीजापुर : 85
बलरामपुर : 50
सुकमा : 50
जीपीएम : 35
गरियाबंद : 32
दंतेवाड़ा : 30
सूरजपुर : 19
कुल : 19622
- आंखें लाल होना
- आंखों में कीचड़ ज्यादा आना
- आंख से पानी आना
- सुबह आंखों का चिपकना
- आंखों में दर्द उठना
- आंखों में सूजन रहना
- हर स्कूल में केस
रायपुर जिले में 850 से ज्यादा निजी स्कूल है। इन स्कूलों में से अधिकांश स्कूलों में बीते तीन दिन से पांच से छह केस निकल रहे हैं।
एसोसिएशन की अपील
छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने पालकों से भी अपील है, यदि बच्चों में पिंक आई के लक्षण हैं, तो उन्हें घर में आराम करने दें।
अगर आई फ्लू के लक्षण दिख रहे हैं तो किसी विशेषज्ञ से इलाज कराएं। खुद से या ओवर द काउंटर दवाइयां, आई ड्रॉप्स खरीदकर इस्तेमाल न करें। इससे जोखिम बढ़ सकता है। आंखों में होने वाली कई समस्याओं में भी आई फ्लू जैसे लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में सही कारण जानना और इलाज जरूरी है। घबराएं नहीं।
- डॉ. सुभाष मिश्रा, संचालक, महामारी नियंत्रण
Published on:
29 Jul 2023 11:52 am
