
CG News: छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में चश्मा दुकान वाले आंख के डॉक्टर बन गए हैं। वे कंप्यूटराइज्ड आंखों की जांच कर चश्मे का सही नंबर देने का दावा करते हैं। जबकि आंखों की जांच से लेकर इलाज का काम ऑप्थेलमोलॉजिस्ट यानी आंखों के डॉक्टर ही कर सकते हैं।
एक तरह से चश्मा दुकान वाले लोगों की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार, आंखों में नजर संबंधी कोई समस्या है तो आई सर्जन को दिखाएं। उनकी देखरेख में चश्मा का नंबर लेकर विश्वसनीय दुकान से बनवाएं।
दुकानदारों का कहना है कि वे कम्प्यूटराइज्ड जांच से आंखों में दृष्टि दोष होने पर चश्मे का वास्तविक नंबर पता चल जाता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तव में यह जांच कितनी विश्वसनीय है, इसकी कोई गारंटी नहीं है। आंख की जांच व इलाज के लिए डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी है। वे ही आंखों की बीमारी की सही जानकारी देंगे और चश्मों का नंबर भी सही बताएंगे। राजधानी के मुख्य बाजार से लेकर दूसरे एरिया में ऐसे चश्मा दुकान मिल जाएंगे, जो आंखों की जांच के लिए डॉक्टरों की कोई जरूरत नहीं होने तक का दावा करते देखे जा सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, इन दुकानदारों की गतिविधियों से लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। आंख की जांच व इलाज के लिए नेत्र रोग विशेषज्ञों से परामर्श लेना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर आंखों की सेहत से खिलवाड़ हो सकता है। नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है कि आंख की जांच के लिए विशेषज्ञता व अनुभव की आवश्यकता होती है। चश्मे बनाने वाले दुकानदारों के पास यह विशेषज्ञता व अनुभव नहीं होता है, इसलिए वे आंख की जांच और इलाज के लिए योग्य नहीं हैं।
Updated on:
25 Feb 2025 11:01 am
Published on:
25 Feb 2025 11:01 am
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