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जब रेलवे स्टेशन में हुआ नकली सिपाही का असली सिपाही से सामना, फिर आगे की कहानी सुन कहेंगे..

राजधानी के रेलवे स्टेशन परिसर में छत्तीसगढ़ आम्र्स फोर्स (सीएएफ) का नकली सिपाही पकड़ा गया है।

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रायपुर. राजधानी के रेलवे स्टेशन परिसर में छत्तीसगढ़ आम्र्स फोर्स (सीएएफ) का नकली सिपाही पकड़ा गया है। आरपीएफ ने आरोपी को रेलवे स्टेेशन परिसर में घूमते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी सीएएफ का नकली वर्दी पहनकर घूम रहा था। उसके पास से छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का परिचय पत्र समेत कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं। आरपीएफ आरोपी से पूछताछ कर रही है। यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि उसने किस उद्देश्य की पूर्ति के लिए ऐसा कार्य किया। उसके पीछे की क्या मंशा थी। आरोपी का नाम जयदेवशील बताया जा रहा है और वह रायगढ़ जिले के धरमजय गढ़ का रहने वाला है।

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रौब जमाने इस तरह का कारनामा

संभावना जताई जा रही है कि आरोपी लोगों के बीच रौब जमाने के लिए इस तरह का कारनामा किया है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि ट्रेन में फ्री यात्रा करने के लिए भी इस तरह का जुगाड़ अपनाया होगा। बहरहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है कि आखिर पर्दे के पीछे की सच्चाई क्या है।

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नौकरी के लिए ऐसे ऑफर, तो रहिए सावधान, लूट चुके हैं साढ़े 5 लाख

खनिज विभाग में इंस्पेक्टर तथा शिक्षा विभाग में क्लर्क की नौकरी लगाने का झांसा देकर एक शातिर ने दो बेरोजगारों से साढ़े पांच लाख रुपए ठग लिए। नौकरी के नाम पर आरोपी ने दो वर्ष तक बेरोजगारों को चक्कर कटवाया और बाद में रकम भी वापस नहीं की। पीडि़तों ने मामले की शिकायत पुलिस में की। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कर लिया। सरस्वती नगर थाना प्रभारी अब्दुल कादिर खान के मुताबिक मनोज साहू पिता राम जी साहू निवासी बलौदाबाजार और उसका मित्र यशवंत यादव बेरोजगार है। उनकी मुलाकात वर्ष 2014 में कमल किशोर साहू से हुई थी। उसने दोनों को झांसा दिया कि उसकी ऊपर तक पहुंच है, वह खनिज एवं शिक्षा विभाग में उनकी नौकरी लगा सकता है। मनोज और यशवंत उसके झांसे में आ गए। मनोज ने खनिज विभाग में इंस्पेक्टर पद के लिए साढ़े तीन लाख एवं यशवंत ने शिक्षा विभाग में क्लर्क के लिए एक लाख अस्सी हजार रुपए उसे दिए। कमल किशोर ने जमानत के तौर पर दोनों को चेक दिया था। यदि नौकरी न लगे, तो आरोपी रकम वापस ले सकते है। दो वर्षों तक जब उनकी नौकरी नहींं लगाई तो पीडि़तों ने चेक को बैंक में लगाया, लेकिन बाउंस हो गया। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की।